ग्राउंड रिपोर्ट: रोजगार की राह बनी जानलेवा, कड़कड़ गांव और झंडापुर के लोग नाला पार करने के हुए मजबूर

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ग्राउंड रिपोर्ट: रोजगार की राह बनी जानलेवा, कड़कड़ गांव और झंडापुर के लोग नाला पार करने के हुए मजबूर


गाजियाबाद: साहिबाबाद क्षेत्र के सूर्य नगर इलाके से सटे औद्योगिक क्षेत्र में रोज़ी-रोटी कमाने जाना किसी चुनौती से कम नहीं है. कड़कड़ गांव और झंडापुर में रहने वाले हज़ारों मजदूर, महिलाएं, बुज़ुर्ग और युवा हर दिन एक गहरे नाले को पार करने के लिए वॉटर पाइपलाइन के ऊपर से गुजरने को मजबूर हैं. नाले पर कोई पक्का पुल न होने के कारण यही संकरी पाइपलाइन लोगों का एकमात्र सहारा बनी हुई है.

फिसलन भरी पाइपलाइन पर जान का खतरा
यह पाइपलाइन पैदल चलने के लिए बनी ही नहीं है. गोल और फिसलन भरी पाइप पर संतुलन बनाकर चलना बेहद मुश्किल होता है. कई बार लोगों के पैर फिसल चुके हैं और कई लोग गिरते-गिरते बचे हैं. बारिश के मौसम में हालात और भी खतरनाक हो जाते हैं. नीचे गहरा नाला है, जहां गिरने का मतलब गंभीर चोट या जान का खतरा हो सकता है. इसके बावजूद मजबूरी लोगों को इसी रास्ते से गुजरने पर मजबूर करती है.

गर्भवती महिला को भी इसी रास्ते से ले जाना पड़ता है अस्पताल
कड़कड़ गांव के रहने वाले राकेश कुमार मिश्रा बताते हैं कि उनकी पत्नी गर्भवती है और अस्पताल ले जाने के लिए भी उन्हें इसी पाइपलाइन का सहारा लेना पड़ता है. वे कहते हैं कि हर बार दिल दहल जाता है, लेकिन दूसरा कोई विकल्प नहीं है. पिछले एक साल से परेशानी और बढ़ गई है, मगर अब तक कोई समाधान नहीं निकला.

किराए के बोझ से बचने के लिए जोखिम भरा सफर
झंडापुर निवासी मनीष कुमार यादव का कहना है कि यदि इस रास्ते का इस्तेमाल न किया जाए तो काफी दूर से घूमकर जाना पड़ता है. इससे समय भी अधिक लगता है और रोज़ ऑटो का किराया देना पड़ता है. कम आय वाले मजदूरों के लिए रोज़ किराया देना मुश्किल है, इसलिए जान जोखिम में डालकर पाइपलाइन पर चलना उनकी मजबूरी बन गया है.

महिलाओं के लिए और भी खतरनाक रास्ता
पिछले 21 वर्षों से साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में काम कर रहे पिंटू बताते हैं कि हर दिन डर के साए में गुजरता है. खासकर महिलाओं के लिए यह रास्ता और भी खतरनाक है, जो रोज़ नौकरी पर जाती हैं. उनका कहना है कि फिसलने का डर हर कदम पर बना रहता है.

पुल निर्माण में लापरवाही का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण और सेतु निगम की ओर से नाले पर पुल निर्माण का काम कई वर्षों से चल रहा है, लेकिन आज तक वह पूरा नहीं हो सका. अमन सिंह बताते हैं कि कुछ समय पहले एक महिला इसी रास्ते से गिरकर घायल हो चुकी है, फिर भी प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया.

बड़े हादसे की आशंका, प्रशासन से जल्द समाधान की मांग
साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र एक बड़ा औद्योगिक हब है, जहां लाखों लोग काम करते हैं. अगर रोज़गार की राह यूं ही जानलेवा बनी रही, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है. स्थानीय लोग सरकार और प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि पुल का निर्माण जल्द से जल्द पूरा कराया जाए, ताकि मेहनत की कमाई के लिए लोगों को अपनी जान दांव पर न लगानी पड़े.



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