घने कोहरे की मार, बच्चे पड़ रहे बीमार, पैरेंट्स ऐसे करें देखभाल, एक्सपर्ट ने दी सलाह

0
घने कोहरे की मार, बच्चे पड़ रहे बीमार, पैरेंट्स ऐसे करें देखभाल, एक्सपर्ट ने दी सलाह


Last Updated:

Meerut News: सर्दी के मौसम में अक्सर बच्चे ठंड की चपेट में आ जाते हैं और बीमार पड़ जाते हैं. इसके लिए अभिभावकों को उनकी सही से देखभाल की जरूरत है. मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग के विशेषज्ञ ने बच्चों की सेहत और ठंड में उनके बचाव को लेकर अहम जानकारी दी है.

मेरठ: क्रांति धरा मेरठ में अब सुबह के समय वायु प्रदूषण के साथ-साथ कोहरे की चादर भी देखने को मिल रही है, जिसको देखते हुए अब मेरठ प्रशासन की ओर से भी स्कूलों के समय में बदलाव कर दिया गया है, क्योंकि बच्चों के बीमार होने की संभावना बढ़ जाती है. इन्हीं बातों को देखते हुए लोकल 18 की टीम ने लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टर नवरत्न गुप्ता से खास बातचीत की.

डा. नवरत्न गुप्ता ने बातचीत करते हुए बताया कि जिस तरह से मौसम में बदलाव हो रहा है, उसमें छोटे बच्चों को बुखार, खांसी, जुकाम की शिकायतें बढ़ जाती हैं. ऐसे में स्कूल भेजते समय माता-पिता अपने बच्चों को बेहतर ढंग से तैयार करते हुए गर्म कपड़े जरुर पहनाएं, क्योंकि हल्की-सी लापरवाही बच्चों को बीमारी की तरफ ले जा सकती है. इसके साथ उन्होंने बताया कि बच्चों का खान-पान का विशेष तौर पर ध्यान रखें, क्योंकि अक्सर देखने को मिलता है कि बच्चे ठंडी चीज खाने की जिद करते हैं, माता-पिता उन्हें वह चीज दिला भी देते हैं. जबकि इस मौसम में आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक सहित अन्य प्रकार के ठंडे पदार्थ बच्चों के लिए काफी नुकसानदायक होते हैं, जिससे वह बीमार हो जाते हैं.

मास्क का करें सभी उपयोग

डा. नवरत्न गुप्ता ने बताया कि जिस तरह से वायु प्रदूषण की स्थिति भी लगातार मेरठ में खराब बनी हुई है, उसमें बच्चों से लेकर सभी वर्गों के लोगों को मास्क का उपयोग बाहर निकलते समय जरूर करना चाहिए. उन्होंने कहा कि मास्क जहां प्रदूषण से बचाता है, वहीं विभिन्न प्रकार के जो बैक्टीरिया कई बार मनुष्य के शरीर में समाहित हो जाते हैं, उससे बचाव के लिए भी एक प्रमुख साधन मास्क माना जाता है. कोरोना काल में भी मास्क ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. इसीलिए सभी लोग मास्क का उपयोग भी आवश्यक करें.

खुद से ना बने डॉक्टर

उन्होंने बताया कि इस मौसम में अगर बच्चों को ठंड से संबंधित शिकायत देखने को मिल रही है तो पहले तो घर में सभी को पेरासिटामोल रखनी चाहिए, जिससे वह शुरुआती तौर पर उसे दे सकें. अगर उससे बच्चा ठीक नहीं हो रहा है तो अपनी फैमिली डॉक्टर या फिर बाल लोग विशेषज्ञ को अवश्य दिखाएं, क्योंकि कई बार खुद से डॉक्टर बनना भी नुकसानदायक बन सकता है. ऐसे में एक्सपर्ट की सलाह के अनुसार, अगर आप बच्चों को दवाई देंगे तो बच्चे स्वस्थ रहेंगे, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अगर आप सभी सावधानी बरतेंगे तो बच्चे स्वस्थ भी रहेंगे. उन्हें दवाइयां की आवश्यकता नहीं पड़ेगी.

About the Author

आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

homeuttar-pradesh

घने कोहरे की मार, बच्चे पड़ रहे बीमार, पैरेंट्स ऐसे करें देखभाल, जानें कैसे



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हो सकता है आप चूक गए हों