घर बैठे तैयार करें गोबर की खाद, कर सकते हैं अच्छी कमाई, ये है तरीका
Agency:News18 Uttar Pradesh
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बीते कुछ सालों में ऑर्गेनिक फार्मिंग या कहें कि नेचुरल फार्मिंग की तरफ लोग काफी ज्यादा इंट्रेस्ट दिखा रहे हैं. ऐसे लोग गोबर की खाद ही पसंद करते हैं.
खाद बनाती महिलाएं
अमेठी: खुद का रोजगार शुरू करने के कई ऐसे उपाय हैं जिनकी मदद से आप बिना खर्च के पैसों की आमदनी कर सकते हैं. आज ऐसा ही एक उपाय हम आपको बताने जा रहे हैं. इस काम को वैसे तो कोई भी कर सकता है लेकिन किसानों के लिए इसे करना और आसान होगा. हम आपको जो उपाय बताने जा रहे हैं वह बिल्कुल मुफ्त है. अगर ध्यान और लगन से इस काम को करेंगे तो ये आपके लिए स्थायी रोजगार का साधन भी बन सकता है. इस काम को आप घर बैठे आसानी से कर सकते हैं.
हम बात कर रहे हैं बेकार पड़े गोबर से तैयार होने वाले गोबर के खाद के बारे में. गोबर की खाद अगर आप बड़े पैमाने पर तैयार करते हैं तो इससे आप कमाई भी कर सकते हैं. यदि आप किसान हैं और खाद बनाने का काम करते हैं तो एक फायदा यह भी है कि बची हुई खाद को आप अपने खेतों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं. कुछ ही दिनों में गोबर की खाद बनकर तैयार हो जाती है. इसकी बिक्री आप 20 से 25 रूपए किलो में कर सकते हैं.
गोबर की खाद का कई मामलों में बेहतर परिणाम देती है. कई बार तो लोग गोबर की खाद खोजते रहते हैं औऱ उन्हें मिलती नहीं. दरअसल, बीते कुछ सालों में ऑर्गेनिक फार्मिंग या कहें कि नेचुरल फार्मिंग की तरफ लोग काफी ज्यादा इंट्रेस्ट दिखा रहे हैं. ऐसे लोग गोबर की खाद ही पसंद करते हैं. इससे फसलों को नुकसान भी नहीं होता और उस फसल को खाने वालों को भी केमिकल औऱ पेस्टिसाइड वाली फसलों की जगह शुद्ध अनाज मिलता है. गोबर की खाद से न सिर्फ फसल सुरक्षित रहती है बल्कि पेड़ पौधों में रोग की संभावनाएं भी काफी हद तक खत्म हो जाती हैं.
कैसे तैयार होती है गोबर की खाद
गोबर की खाद तैयार करने के लिए सूखा पैरा और हरे चारे के साथ गाय के गोबर का इस्तेमाल किया जाता है. इन सभी सामग्री को मिलाकर फिर उसकी मेड बंदी कर दी जाए. मेड बंदी के करीब एक से डेढ़ महीने बाद शुद्ध देसी गोबर की खाद तैयार हो जाती है और उसकी बिक्री कर आप अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
एक बार में तीन से चार कुंतल खाद होती है तैयार
गांव में देसी गोबर की खाद तैयार करने वाली एक महिला कर्मा देवी बताती हैं कि एक बार में तीन से चार कुंतल खाद तैयार होती है. गांव की एक महिला ने उन्हें इसका प्रशिक्षण दिया. उसके बाद करीब 8 से 10 महिलाएं मिलकर इस खाद को तैयार करती हैं और गोबर का भी सदुपयोग हो जाता है. इससे उन्हें फायदा भी होता है.
Amethi,Sultanpur,Uttar Pradesh
February 09, 2025, 23:48 IST