चित्रकूट-सतना मार्ग पर 5 फरवरी तक बंद रहेगा यह रेलवे फाटक, वाहनों को किया गया है डायवर्ट
चित्रकूट के मानिकपुर मार्ग से सतना जाने वाले यात्रियों और वाहन चालकों के लिए एक अहम और राहत भरी खबर है. लंबे समय से रेलवे फाटक पर जाम और बदहाल सड़क के कारण लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही थी, लेकिन अब इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में रेलवे विभाग ने ठोस कदम उठा लिया है.
मारकुंडी खंड के अंतर्गत पुष्कर्णी टिकरिया समपार फाटक संख्या 400 पर सड़क मरम्मत और आरसीसी (रीइन्फोर्स्ड कंक्रीट) सड़क निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है. इस कारण यह मार्ग 5 फरवरी तक आंशिक रूप से बंद रहेगा. रेलवे और जिला प्रशासन ने यात्रियों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है.
खस्ताहाल सड़क बनी थी परेशानी की वजह
फाटक के पास सड़क पर लंबे समय से बड़े-बड़े गड्ढे हो गए थे. बरसात के बाद हालात और ज्यादा खराब हो गए, जिससे दोपहिया और छोटे वाहनों का निकलना भी जोखिम भरा हो गया था. कई बार वाहन फंसने और दुर्घटनाओं की घटनाएं सामने आई थीं. रोजाना लगने वाले जाम से स्कूली बच्चों, मरीजों और व्यापारियों को खासा नुकसान उठाना पड़ रहा था.
रेलवे ने शुरू कराया स्थायी समाधान
रेलवे विभाग के सहायक मंडल इंजीनियर रशीद अहमद ने बताया कि समपार फाटक पर आरसीसी सड़क निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है और इसे 5 फरवरी तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. निर्माण अवधि के दौरान भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा, जबकि छोटे और हल्के वाहनों को सीमित रूप से निकलने की अनुमति दी जा सकती है.
डायवर्जन प्लान लागू, पुलिस तैनात
यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने डायवर्जन प्लान लागू कर दिया है. चित्रकूट एसपी अरुण कुमार सिंह के अनुसार, सतना से प्रयागराज की ओर जाने वाले भारी वाहन अब वैकल्पिक मार्ग से होते हुए कर्वी की ओर भेजे जा रहे हैं. वहीं प्रयागराज से सतना की ओर आने वाले बड़े वाहन बोड़ी पोखरी मार्ग से होकर कर्वी के रास्ते सतना जाएंगे.
संबंधित मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि जाम की स्थिति न बने और यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो.
काम पूरा होने के बाद मिलेगी बड़ी राहत
आरसीसी सड़क निर्माण पूरा होने के बाद रेलवे फाटक पर बार-बार लगने वाले जाम से निजात मिलेगी और दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी. स्थानीय लोगों और यात्रियों को उम्मीद है कि यह कार्य पूरा होने के बाद आवागमन पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित और सुगम हो जाएगा.