चैत्र नवरात्रि: काशी विश्वनाथ मंदिर में 11 कलशों से होगा बाबा का जलाभिषेक
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Navratri 2026: वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ धाम में इस बार चैत्र नवरात्रि पर ‘शिव संग शक्ति’ की अद्भुत उपासना होगी. महापर्व के पहले दिन माता विशालाक्षी के दरबार से आए 11 कलश गंगाजल से बाबा का जलाभिषेक होगा. नौ दिनों तक धाम में दुर्गा सप्तशती का पाठ, भजन संध्या और भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. महानवमी पर महिला शक्ति द्वारा विशेष हवन और अखंड रामायण पाठ से पूरा परिसर भक्तिमय रहेगा. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं.
वाराणसी: धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में इस बार चैत्र नवरात्रि का पर्व ऐतिहासिक होने जा रहा है. द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख भगवान शिव के प्रिय धाम, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में इस बार ‘शिव संग शक्ति’ की अनूठी आराधना देखने को मिलेगी. चैत्र नवरात्रि के पूरे नौ दिनों तक विश्वनाथ धाम न केवल महादेव के जयघोष से गूंजेगा, बल्कि यहां आदिशक्ति मां दुर्गा की उपासना के विशेष अनुष्ठान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और वैदिक मंत्रोच्चार का महासंगम भी होगा. मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए इस पावन अवसर को दिव्य और भव्य बनाने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं.
11 कलशों से होगा बाबा का जलाभिषेक
नवरात्रि के पहले दिन काशी विश्वनाथ धाम में पारंपरिक कलश स्थापना के साथ उत्सव का शुभारंभ होगा. इस बार विशेष आकर्षण मंगला आरती के समय दिखेगा, जब माता विशालाक्षी के दरबार से लाए गए 11 कलश गंगाजल से बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा. यह परंपरा शिव और शक्ति के अटूट संबंध को दर्शाती है, जिसकी तैयारियां धाम में जोरों पर हैं.
धाम में गूंजेंगे दुर्गा सप्तशती के पाठ
काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के सीईओ विश्वभूषण मिश्रा के अनुसार, नौ दिनों तक धाम का वातावरण पूरी तरह देवीमय रहेगा. ‘हर-हर महादेव’ के साथ-साथ यहाँ दुर्गा सप्तशती के पाठ किए जाएंगे. इसके अतिरिक्त, शाम के समय विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जिसमें भजन संध्या और माता दुर्गा के स्वरूपों पर आधारित नाट्य मंचन मुख्य आकर्षण होंगे.
महानवमी पर महिला शक्ति का महा-अनुष्ठान
इस बार की नवरात्रि में नारी शक्ति को विशेष स्थान दिया गया है. महानवमी के दिन बड़ी संख्या में महिलाएं वैदिक मंत्रों के बीच हवन पूजन करेंगी. साथ ही, धाम में अखंड रामायण का पाठ भी आयोजित किया जाएगा, जिससे पूरा परिसर राममय और भक्तिमय हो उठेगा.
शक्तिपीठों को भेजी जाएगी श्रृंगार सामग्री
परंपरा का निर्वहन करते हुए काशी विश्वनाथ धाम से शक्तिपीठ विशालाक्षी देवी सहित काशी के नौ दुर्गा और नौ गौरी मंदिरों में विशेष श्रृंगार सामग्री भेजी जाएगी. सीईओ ने बताया कि इन सभी नवीन आयोजनों को पूरी तरह से श्रद्धा और वैदिक मर्यादाओं के अनुरूप संपन्न कराया जाएगा.
श्रद्धालुओं की उमड़ी भारी भीड़
नवरात्रि शुरू होने से पहले ही काशी में भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा है. बीते रविवार को मंदिर में सावन के सोमवार जैसा नजारा देखने को मिला. प्रशासन को उम्मीद है कि चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों में रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालु बाबा के दर्शन और शक्ति की उपासना के साक्षी बनेंगे.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें