जौनपुर का इत्र फिर महकेगा दुनिया भर में, महिलाओं को मिल रहा खास प्रशिक्षण

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जौनपुर का इत्र फिर महकेगा दुनिया भर में, महिलाओं को मिल रहा खास प्रशिक्षण


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जौनपुर का पारंपरिक इत्र उद्योग एक बार फिर नई पहचान की ओर बढ़ रहा है. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को इत्र निर्माण, पैकेजिंग और मार्केटिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इस पहल से महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी और गुलाब, केवड़ा व चमेली से बनने वाला जौनपुर का इत्र देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचेगा.

जौनपुर. इत्र की खुशबू के लिए मशहूर जौनपुर अब एक बार फिर अपनी पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की तैयारी में है. जिले में वर्षों पुरानी इत्र बनाने की परंपरा अब देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक पहुंचने जा रही है. इस दिशा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे इत्र निर्माण और उससे जुड़े व्यवसाय में आत्मनिर्भर बन सकें. उपायुक्त एनआरएलएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जौनपुर का इत्र उद्योग ऐतिहासिक रूप से काफी समृद्ध रहा है. यहां सदियों से प्राकृतिक फूलों और जड़ी-बूटियों से इत्र तैयार किया जाता रहा है. खासतौर पर मुगल काल में जौनपुर के इत्र की मांग देश-विदेश तक थी. यहां के कारीगरों की कला और पारंपरिक तकनीक आज भी लोगों को आकर्षित करती है. उन्होंने बताया कि अब समय के साथ इस पारंपरिक उद्योग को आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़ने की जरूरत है. इसी उद्देश्य से स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं को इत्र बनाने, उसकी पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इससे महिलाएं न केवल रोजगार प्राप्त करेंगी बल्कि जौनपुर के इत्र को वैश्विक पहचान भी दिलाएंगी.

इत्र बनाने की बारीकियां सिखाई

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को इत्र बनाने की बारीकियों के साथ-साथ गुणवत्ता बनाए रखने के तरीके भी सिखाए जा रहे हैं. साथ ही उन्हें यह भी बताया जा रहा है कि किस प्रकार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और निर्यात के माध्यम से अपने उत्पाद को विदेशों तक पहुंचाया जा सकता है. जौनपुर का इत्र गुलाब, केवड़ा, चमेली और अन्य प्राकृतिक सुगंधित फूलों से तैयार किया जाता है, जिसकी खुशबू लंबे समय तक बनी रहती है. यही इसकी सबसे बड़ी खासियत है, जो इसे अन्य इत्रों से अलग बनाती है. एनआरएलएम की इस पहल से न केवल महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिलेगी, बल्कि जौनपुर की पारंपरिक विरासत को भी नया जीवन मिलेगा. आने वाले समय में जौनपुर का इत्र अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बनाएगा और जिले का नाम रोशन करेगा.

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Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



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