तो दिल्ली नहीं, लखनऊ को दहलाने की थी तैयारी? खुलासे के बाद एक्शन में ATS

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तो दिल्ली नहीं, लखनऊ को दहलाने की थी तैयारी? खुलासे के बाद एक्शन में ATS


लखनऊ. दिल्ली ब्लास्ट के बाद जांच में जुटीं खुफिया एजेंसियां सभी कड़ियों को जोड़ने में जुटीं हैं. गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वायड (ATS) द्वारा गिरफ्तार संदिग्ध आतंकियों ने पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है. ATS के मुताबिक दिल्ली के बजाय उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को निशाना बनाकर धमाके की योजना बनाई गई थी. इस खुलासे के बाद यूपी ATS ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि राज्य भर में सभी सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं.

गुजरात ATS ने बताया कि एजेंसी ने पिछले एक साल से इन संदिग्धों पर नजर रखी हुई थी. 9 नवंबर को अहमदाबाद के पास आदलज टोल प्लाजा के निकट एक संयुक्त ऑपरेशन में तीनों संदिग्धों को हिरासत में लिया गया. इनमें हैदराबाद का डॉक्टर अहमद मोहिउद्दीन सैयद, लखीमपुर खीरी (यूपी) का मोहम्मद सुहेल सलीम खान और शामली (यूपी) का आजाद सुलेमान शेख शामिल हैं. गिरफ्तारी के समय संदिग्धों के कब्जे से दो ग्लॉक पिस्टल, एक बेरेटा पिस्टल, 30 जिंदा कारतूस और चार लीटर कैस्टर ऑयल (जिससे घातक जैविक हथियार रिसिन बनाया जा सकता है) बरामद किया गया.

इन जगहों पर की थी रेकी

पूछताछ में सुहेल ने बताया कि समूह ने लखनऊ, दिल्ली और अहमदाबाद के भीड़भाड़ वाले इलाकों में रेकी (सर्वे) की थी. विशेष रूप से लखनऊ में धार्मिक स्थलों, सांस्कृतिक केंद्रों और पर्यटन स्थलों को निशाना बनाया गया था. सुहेल के मुताबिक, यह साजिश किसी बड़े आतंकी संगठन के इशारे पर रची गई थी, जिसमें पाकिस्तान से हथियारों की सप्लाई का भी जिक्र आया.

जैविक हमले की थी तैयारी

डॉ. सैयद, जो चीन में मेडिकल एजुकेशन हासिल करने के बाद हैदराबाद लौटा था, कथित तौर पर इस मॉड्यूल का मास्टरमाइंड था. वह रिसिन जैसे जैविक जहर को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहा था. बाकी दोनों संदिग्धों ने राजस्थान के हनुमानगढ़ से हथियार मंगवाकर सैयद को सप्लाई किए थे. एटीएस के अनुसार, ये लोग विदेशी संपर्कों से जुड़े हुए थे और रेडिकल विचारधारा से प्रभावित थे.

यूपी ATS की नेक्सस को तोड़ने की कोशिश

इस खुलासे के बाद यूपी ATS ने सुहेल के सहयोगियों की पहचान करने के लिए व्यापक जांच शुरू कर दी है. लखनऊ के अलावा अन्य संभावित निशाने वाले शहरों की सूची तैयार की जा रही है. साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि ये संदिग्ध किस अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे. यूपी के डीजीपी के निर्देश पर राज्य की सभी सीमाओं पर सतर्कता बरती जा रही है. चप्पे-चप्पे पर पुलिस और खुफिया एजेंसियों की निगरानी बढ़ा दी गई है.

लेडी डॉक्टर और भाई से भी पूछताछ

इसके अलावा, फरीदाबाद से गिरफ्तार लखनऊ निवासी महिला डॉक्टर शाहीन शाहिद और उनके भाई डॉ. परवेज शाहिद अंसारी से भी गहन पूछताछ चल रही है. प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये दोनों भी इसी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं. यूपी ATS अब पूरे चेन को खंगालने में जुटी हुई है, ताकि कोई भी लूज एंड न बचे.

किस संगठन का हाथ?

एटीएस सूत्रों के अनुसार, संदिग्धों के फोन और डिजिटल डिवाइस से विदेशी नंबर्स और एन्क्रिप्टेड मैसेज मिले हैं, जो इस्लामिक स्टेट खोरासान प्रांत (ISKP) या पाकिस्तान स्थित तत्वों से जुड़े हो सकते हैं. हालांकि, पूर्ण पुष्टि के लिए साइबर फॉरेंसिक जांच जारी है. DIG जोशी ने कहा, “यह गिरफ्तारी न केवल गुजरात बल्कि पूरे देश की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है. हमारी टीमें लगातार नेटवर्क को ट्रेस कर रही हैं.”



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