दादरी की रैली फेल या पास? 140 सीटों को साधने की थी कोशिश, BJP ने सपा को लिया आड़े हाथ
लखनऊः उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को होने में भले ही अभी करीब एक साल बाकी हैं. लेकिन सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है. जिस नोएडा को राजनीतिक गलियारे में शापित माना जाता था, आज उसी नोएडा में बैक टू बैक रैलियां हो रही हैं. पहले भारतीय जनता पार्टी की तरफ से जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन कार्यक्रम में विशाल जनसभा को संबोधित किया गया, जहां पीएम मोदी से लेकर सीएम योगी ने अखिलेश यादव के नोएडा ना आने पर जमकर निशाना साधा था. वहीं 29 मार्च को सपा मुखिया अखिलेश यादव ने दादरी में समानता भाईचारा रैली को संबोधित किया. अब सपा के इस कार्यक्रम को योगी सरकार के मंत्रियों ने फ्लाप बताया है. वहीं इस रैली से सपा ने कई संदेश देने की कोशिश की है.
140 सीटों पर प्रचार करेंगे राजकुमार भाटी, नहीं लड़ेंगे चुनाव
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और रैली संयोजक राजकुमार भाटी ने चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि वह तीन संदेश देना चाहते हैं. पहला तो यह कि जब 2011 में पश्चिमी यूपी से ही उन्होंने प्रचार की शुरुआत की थी, तो हमारी सरकार बनी थी 2012 में. वेस्ट यूपी में हमें कमजोर माना जाता है. जन विरोधी नीतियों से जनता परेशान है और जल्दी से जल्दी छुटकारा चाहती है. PDA के नारे से जनता जुड़ रही है. वर्तमान व्यवस्था में जितने कानून व्यवस्था खराब है, इतनी कभी खराब नहीं हुई.
इसके अलावा राजकुमार भाटी ने कहा कि एनसीआरबी के आंकड़े आप उठा कर देख लीजिए. डेढ़ गुना ज्यादा क्राइम है. बुलडोजर सिर्फ विध्वंस करता है. हमने जानबूझकर प्रतिमा लगाई है. उन लोगों को संदेश देना चाहते हैं, जिन्होंने मिहिर भोज की प्रतिमा पर कालिख पोती थी. मैं 2022 में भी चुनाव लड़ा था. 2017 में भी चुनाव लड़ा था और इस बार मैंने तय किया है इस बार चुनाव नहीं लड़ूंगा और 140 सीटों पर प्रचार करने जाऊंगा.
दादरी से 140 विधानसभा सीटों पर सपा ने साधा निशाना
ऐसा माना जा रहा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए सपा ने दादरी से चुनावी शंखनाद किया है. दादरी के मिहिर भोज कॉलेज में सपा की “समाजवादी समानता भाईचारा”नाम से बड़ी रैली आयोजित हुई. मंच के केंद्र पर सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा लगी हुई थी, जिसपर अखिलेश यादव ने माल्यार्पण किया. दरअसल, सपा की नज़र पश्चिमी यूपी के 32 जिलों की 140 विधानसभा सीटों पर है. गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद जैसे शहरी इलाके बीजेपी के मजबूत गढ़ माने जाते हैं, इसलिए यहां से रैली सपा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इस रैली को कामयाब बनाने के लिए पिछले 8 महीने से सपा पदाधिकारी तैयारी कर रहे थे.
‘बीजेपी के रैली में लोग ले आए गए थे’
अखिलेश यादव ने मंच से जनता को संबोधित करते हुए कहा, ‘राजकुमार भाटी जी ने कौन सा वैज्ञानिक अप्रोच अपनाया है कि जो रोशनी अंदर आ रही है वो लाल लाल दिखाई दे रही है. इस रैली की चर्चा ने ना जाने कितने लोगों के होश उड़ा दिए थे. ना केवल होश उड़ाएं बल्कि उन्हें मजबूर कर दिया. हमारी रैली से पहले वो रैली करेंगे. कल भी रैली हुई थी उसकी पोल हमारे बहुत लोगों न खोल दी है. नया जमाना है, कोई कैमरे से नहीं बच सकता है. उस रैली में लोग आए नहीं थे लोगों को लाया गया था. दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कहने वाली पार्टी को सरकारी कर्मचारियों का सहारा लेना पड़ा. बीजेपी की दिल्ली से और उत्तर प्रदेश से छुट्टी होना तय है.’
‘वादा कर जाते की बेचा नहीं जाएगा एयरपोर्ट’
इसके अलावा अखिलेश यादव ने कहा, ‘जो लोग हवाई अड्डे का उद्घाटन कर रहे थे. पहले भी उदघाटन हुए हैं. समाजवादियों की देन है उसमें. 7 उदघाटन किए गए थे 6 बंद हो हो गए हैं. कम से कम ये वादा करके जाते कि उद्घाटन के बाद इसे बेचा नहीं जाएगा. लगता तो ऐसा है कि उद्घाटन ही बेचने के लिए लिया गया है. ATM की बातें सुनने को मिली हैं. हम लोग 10 साल से सरकार में नहीं है, कम से कम अपनी छोटी ATM का हिसाब किताब कर लेते. Atm का क्या फुल फॉर्म हो सकता है, वो छोड़कर जा रहा हूं, मीडिया के सामने. सुने हैं A पर बहुत मेहरबान रहते हैं कुछ लोग.’
एनकाउंटर को लेकर अखिलेश यादव ने उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने कहा कि मिहिर सम्राट भोज की प्रतिमा का सम्मान करने का मौका मिला है. हमने वो लड़ाई लड़ी थी जब दूसरे लोग हमारा सम्मान छीनना चाहते हैं. अति प्रतिष्ठित जगह हैं, अपने सम्मान देने का काम किया है. 2027 में सरकार बनाए हम लखनऊ में स्मारक(मिहिर भोज की) और रिवर फ्रंट पर प्रतिमा लगाने का काम करेंगे. अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा दरारवादी पार्टी है. भाजपा बेईमानी से सरकार बनाती रही है. उपचुनाव में बेईमानी करके हमें हराने का काम किया है. फेक एनकाउंटर करने वाले अधिकारी भी बीजेपी से दुखी हो रहे हैं. अदालत जब सजा सुनाती है तो अंधेरी कोठरी में सजा पाते हैं और परिवार समाज का अपमान झेलता है इसलिए बहुत सारे अधिकारी सावधान हो गए हैं.
एसआईआर को अखिलेश यादव ने बताया एनआरसी
एसआईआर पर हमला बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि SIR जो हुआ वो मुखौटे के साथ NRC था. दुनिया में जो लड़ाई देख रहे हैं उसमें तकनीक का कितना इस्तेमाल हुआ है. जमीन पर कब्जा तभी रुकेगा जब जमीन पर जाकर फौज कब्जा लेगी. 2011 में साइकिल यात्रा शुरू की थी. नोएडा से आगरा लेकर गए थे. सड़क का उदघाटन हुआ था उस पर सबसे बढ़िया जहाज उतरे. रामपुर के लोगों के विशेष धन्यवाद जो उन्होंने हमें सांसद दिया. हमारे कई नेताओं को झूठे मुकदमे में जेल डाला गया है. 9 साल का हिसाब नहीं है, इसलिए आधा अधूरा एयरपोर्ट का उद्घाटन करके गए हैं. जेवर एयरपोर्ट को NOC दिलाने के काम सपा सरकार ने किया है.
पीएम मोदी के बयान पर अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया
वहीं नोएडा ना आने पर PM के हमले पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी सबसे विकास नोएडा में ही किया. कोई अंधविश्वास नहीं था. इस बार उम्मीद से ज्यादा SP और इंडिया गठबंधन जीतने जा रहा है. ये वो इलाका है जहां से सबसे ज्यादा लोग जुड़ते जा रहे हैं. लोगों की पुकार बीजेपी सरकार से हटे. पश्चिम बंगाल में बीजेपी सम्मान जनक हार नहीं हारेगी. उद्घाटन ऐसे ही करते हैं, जहाज कब उड़ेगा नहीं पता. गैस की किल्लत इसलिए है कि विदेश नीति में फेल हुए हैं. मित्र देश आज हमारे सामने खड़ा है.
सीएम योगी ने अखिलेश यादव पर बोला हमला
लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी और विपक्ष पर राजनीतिक हमला किया. कुर्सी के मोह में पहले लोग नोएडा नहीं जाते थे. सीएम रहते अंधविश्वास के चलते, वो कभी नोएडा नहीं गए. लेकिन अपनी विभाजनकारी राजनीति के लिए वो आज नोएडा पहुंच गए. इनके चेहरे को देखिए. उस समय नोएडा के विकास के लिए इन्होंने बढ़ाए खड़ी की और आज किस मुंह से विकास की बात करेंगे.
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का सपा की रैली पर हमला
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सपा की समानता भाईचारा रैली पर कहा, ‘समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव का नोएडा दौरा आज पूरी तरह से फ्लॉप रहा. उनकी जनसभा की खाली कुर्सियां इस बात की गवाह हैं कि कई महीनों की तैयारी के बाद, लगभग 100 विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं को इकट्ठा करने के बाद भी कुर्सियां खाली रह गईं. उत्तर प्रदेश की जनता ने समाजवादी पार्टी को नकार दिया है. नोएडा को अपने शासनकाल में समाजवादी पार्टी ने कई ‘मिनी सीएम’ दिए थे जो वसूली का काम करते थे. सपा के मुखिया रहने के दौरान वे(अखिलेश यादव) अपशकुन के चलते कभी भी नोएडा नहीं जाते थे. आज वे सत्ता पाने के मनसूबे को लेकर वहां पहुंचे थे लेकिन जनता ने उन्हें नकार दिया.’
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी बोला हमला
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सपा की समानता भाईचारा रैली पर कहा, “समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव के चरित्र है, बांटों और राज करो. जब वे सरकार में थे तो उत्तर प्रदेश में त्राहि-त्राहि मची हुई थी. उत्तर प्रदेश के निवासी, उद्योगपति प्रदेश छोड़कर पलायन करने पर मजबूर थे. अखिलेश यादव का एजेंडा कभी विकास का नहीं रहा. उनका PDA का नारा फर्जी है. वे पिछड़ों, दलितों के जन्मजात विरोधी हैं. जो अखिलेश यादव मुख्यमंत्री रहते हुए अंधविश्वास के कारण कभी नोएडा नहीं गए थे, आज उसी धरती पर डबल इंजन की सरकार पीएम मोदी के नेतृत्व में नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन तक कर चुकी है. उनका ये सम्मेलन फ्लॉप शो साबित हुआ.”