दिल्ली की पॉश कॉलोनी नहीं, ये है यूपी का स्मार्ट विलेज! सीसीटीवी और रंगीन सड़कें देख चौंक जाएंगे आप
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Model village of Shahjahanpur : शाहजहांपुर का भटपुरा रसूलपुर गांव आज विकास की नई इबारत लिख रहा है. पलायन रोकने की जिद ने ग्राम प्रधान अनिल कुमार गुप्ता को ‘रोल मॉडल’ बना दिया है. यहां की रंगीन गलियां, सीसीटीवी कैमरे और आधुनिक सुविधाएं शहरों को मात दे रही हैं. प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से सम्मानित यह पंचायत अब देश के लिए एक मिसाल बन चुकी है.
ग्राम प्रधान ने गांव की तस्वीर बदलने के लिए 54 रास्तों पर रंगीन इंटरलॉकिंग कराई है. खास बात यह है कि इन रास्तों का नामकरण महापुरुषों और बुजुर्गों के नाम पर किया गया है. पक्की नालियों और सलीके से बने रास्तों ने गांव को एक व्यवस्थित और सुंदर शहरी रूप दे दिया है.

स्वच्छता के मामले में यह गांव बेहद सख्त है. हर घर में निजी शौचालय के साथ पांच सामुदायिक शौचालय मौजूद हैं. यहां सफाईकर्मी रोजाना गलियों को चकाचक करते हैं, और जगह-जगह रखे फैंसी कूड़ेदान यह सुनिश्चित करते हैं कि गंदगी कहीं भी नजर न आए.

गांव को हरा-भरा रखने के लिए 1000 से अधिक पौधे लगाए गए हैं. प्रधान की प्रेरणा से किसानों ने भी 4000 से ज्यादा पॉपुलर के पेड़ लगाए हैं. इससे न केवल पर्यावरण शुद्ध हो रहा है, बल्कि किसानों के लिए भविष्य में अतिरिक्त आय के साधन भी विकसित हो रहे हैं.
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पेयजल के लिए 57 इंडिया मार्का हैंडपंप पूरी तरह चालू स्थिति में हैं. जल संरक्षण के प्रति गंभीरता दिखाते हुए वाटर हार्वेस्टिंग के लिए सोकपिट बनाए गए हैं. गांव के 26 तालाबों का संरक्षण यह सुनिश्चित करता है कि गांव का जलस्तर हमेशा बेहतर बना रहे.

सुरक्षा के मोर्चे पर भी भटपुरा रसूलपुर किसी पॉश कॉलोनी से कम नहीं है. गांव के चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए 16 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. डिजिटल निगरानी की वजह से गांव में शांति का माहौल है और ग्रामीण खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं.

बेहतरीन कार्यों के लिए अनिल कुमार गुप्ता को 2015 में पीएम मोदी ने और 2022-23 में सीएम योगी ने सम्मानित किया. उन्हें राष्ट्रीय कार्यशालाओं के लिए केरल और पंजाब भी भेजा गया. आज उनका गांव ‘स्मार्ट विलेज’ की असली परिभाषा को धरातल पर सार्थक कर रहा है.