दिल्ली की भीड़ से दूर… मात्र 50 मिनट की दूरी, क्रांति की धरती मेरठ में जरूर देखें राजकीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय
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Meerut Museum: मेरठ को महाभारत कालीन इतिहास और 1857 की क्रांति की धरा के रूप में विशेष पहचान मिली है. यही वह भूमि है जहां से स्वतंत्रता संग्राम की चिंगारी भड़की थी. यदि आप मेरठ घूमने का प्लान बना रहे है, तो यहां स्थित राजकीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय जरूर देखें. यह संग्रहालय आजादी की लड़ाई से जुड़े दुर्लभ दस्तावेज, चित्र और ऐतिहासिक वस्तुओं को संजोए हुए है, जो देशभक्ति की भावना को और मजबूत करते है. यहां आकर आप स्वतंत्रता आंदोलन की महत्वपूर्ण घटनाओं से रूबरू हो सकते है. खास बात यह है कि संग्रहालय के पास ही भैंसाली मेट्रो स्टेशन स्थित है, जिससे यहां पहुंचना और भी सुविधाजनक हो गया है.
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ की बात करें तो मेरठ को क्रांति धरा के तौर पर भी विश्व में पहचाना जाता है. प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का आगाज भी मेरठ से 10 मई 1857 को हुआ था. ऐसे में मेरठ में विभिन्न आपको ऐसे ऐतिहासिक स्थल देखने को मिलेंगे. जो आज भी आजादी की गाथा की गवाही देते हुए दिखाई देते हैं. कुछ इसी तरह का नजारा आपको मेरठ के राजकीय स्वतंत्रता संग्रहालय में भी देखने को मिलेगा. जिसे बेहद हाईटेक तरीके से बनाया गया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय का अंवलोकन करते हुए सभी क्रांतिकारियों को नमन कर चुके हैं. जिन्होंने देश को आजाद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
ऐसे में अगर आप भी इस ऐतिहासिक स्थल को देखना चाहते हैं. उन सभी ऐतिहासिक पहलुओं से रूबरू होना चाहते हैं. तो आप सभी के लिए भी अब अच्छा अवसर है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 22 फरवरी 2026 को मेरठ नमो भारत एवं मेरठ मेट्रो कॉरिडोर का शुभारंभ किया जाएगा. ऐसे में पर्यटन की दृष्टि से राजकीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय स्मारक के पास ही भैंसाली बस स्टेशन के नजदीकी मेट्रो स्टेशन भी बनाया गया है. इसे संग्रहालय से कनेक्ट किया गया है. ऐसे में आप जैसे ही मेरठ भैंसाली मेट्रो स्टेशन उतरेंगे. उसके बाद आप शहीद स्मारक में भी आसानी से प्रवेश कर पाएंगे.
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संग्रहालय में ही अमर जवान ज्योति भी आपको प्रच्जलित दिखाई देगी. जो उन सभी अमर शहीदों को नमन करते हुए हमेशा प्रज्वलित रहती है. यहां पर शहरवासी अमर शहीदों को नमन करने के लिए भी पहुंचते हैं. इससे के पास आपको अशोक स्तंभ भी देखने को मिलेगा. यहां उन सभी सैनिकों के नाम भी उल्लेखित किए गए हैं. जिन्होंने प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के आगाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

जैसे ही आप अंदर प्रवेश करेंगे. आपको अलग-अलग भागों में विभिन्न हाईटेक गैलरी दिखाई देगी. जिनको अलग-अलग नाम से रखा गया है. इन गैलरी के अगर खासियत की बात करें तो यहां देशभर की ऐतिहासिक स्थल और क्रांति की यादों को सजाया गया है. इसका अवलोकन करते हुए एक तरफ जहां आप विभिन्न इसमें जो ऐतिहासिक वर्णन के लिए पोस्टर चश्पा किए गए हैं. उसके बारे में जान सकते हैं.

इसी के साथ ही यहां हाईटेक एलईडी की भी सुविधा उपलब्ध है. जिसके माध्यम से आप मध्यम साउंड में प्रत्येक क्रांति की गतिविधि और गाथा को आसानी से जान सकते हैं. खास बात यह है कि संग्रहालय को विकसित करने के लिए देश भर के प्रतिष्ठित इतिहासकारो द्वारा काफी अध्ययन किया गया था. उस अध्ययन के पश्चात ही इस गैलरी को विकसित किया गया है. यहां देशभर से लोग समय-समय पर पहुंचकर ऐतिहासिक पहलुओं से रूबरू होते हुए भी दिखाई देते हैं.

बताते चले कि संग्रहालय की अगर बात की जाए तो इसमें देश भर के विभिन्न घटनाओं को संजोया गया है. बात चाहे उत्तर प्रदेश की हो बिहार की ओर पश्चिम बंगाल, पंजाब, तमिलनाडु, असम, जम्मू कश्मीर, दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में जिस तरीके से देश को आजाद करने के लिए गतिविधियां हुई थी. उसके प्रत्येक पहलू को यहां पर बताया गया है.
इसी के साथ यहां पर बाहर काफी बड़ी स्क्रीनिंग में समय-समय पर छोटी-छोटी क्रांति से संबंधित मूवी को भी प्रदर्शित किया जाता है.

ऐसे में अगर आप भी मेरठ के संग्रहालय में घूमने आना चाहते हैं. तो दिल्ली से जहां आप नमो भारत ट्रेन में 22 फरवरी के बाद आधुनिक स्पीड के साथ मेरठ के शताब्दीनगर स्टेशन पहुंच सकते हैं. वहां से मेरठ मेट्रो पहुंचकर आप भैसाली स्टेशन पहुंचकर संग्रहालय का विजिट कर सकते हैं. खास बात यह है कि आप संग्रहालय का विजिट कर 55 मिनट में इस ट्रेन से अपने घर वापस भी पहुंच सकते हैं.