दुधारू पशुओं की कैसे करें पहचान? बेहद आसान है तरीका, एक्सपर्ट ने बताए ये टिप्स

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दुधारू पशुओं की कैसे करें पहचान? बेहद आसान है तरीका, एक्सपर्ट ने बताए ये टिप्स


Agency:News18 Uttar Pradesh

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Best Dairy Animals: पशुपालन से आमदनी बढ़ाने के लिए दुधारू पशुओं की पहचान महत्वपूर्ण है. जिससे कि पशुपालक ठगी का शिकार न हो सके और दुधारू नस्ल के पशुओं को पालकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. आइए एक्सपर्ट से जानते है…और पढ़ें

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दुधारू पशुओं की पहचान 

हाइलाइट्स

  • दुधारू पशु का शरीर लंबा और गहरी छाती वाला होता है.
  • थन का आकार बड़ा और संतुलित होना चाहिए.
  • चमकदार त्वचा और सामान्य श्वसन क्रिया होनी चाहिए.

सौरभ वर्मा/ रायबरेली : पशुपालन का व्यवसाय लोगों की आमदनी बढ़ाने का एक अच्छा माध्यम है. क्योंकि पशुपालन का व्यवसाय लोगों की समृद्धि का द्वार खोल रहा है. पशुपालन का काम करके किसान अच्छी कमाई कर रहे हैं. परंतु पशुपालन का काम करने वाले किसानों के लिए दुधारू पशुओं की पहचान करना सबसे बड़ी समस्या होती है. परंतु अब उन्हें इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है. क्योंकि हम उन्हें दुधारू पशुओं की पहचान के कुछ आसान उपाय बताने जा रहे हैं. जिससे वह दुधारू नस्ल की गाय व भैंस की आसानी से पहचान कर सकते हैं. तो आइए पशु विशेषज्ञ से जानते हैं दुधारू पशुओं की पहचान कैसे करें?
पशु चिकित्सा के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखने वाले रायबरेली जिले के राजकीय पशु चिकित्सालय शिवगढ़ के पशु चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर इंद्रजीत वर्मा(MVSC वेटनरी) मथुरा ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि पशुपालक दुधारू पशुओं की पहचान करने के लिए कुछ खास उपाय अपनाएं. जिससे वह ठगी का शिकार होने से बच सकें.

इस तरह करें दुधारू पशुओं की पहचान

दुधारू पशुओं की पहचान के लिए पशु पालक पशु को शारीरिक संरचना ,अस्थि संरचना, थन और दूध उत्पादन क्षमता, दूध की नसें, एवं उनकी प्रजाति व प्रजनन क्षमता से उनकी पहचान कर सकते हैं.

1. शारीरिक संरचना:
शरीर – दुधारू पशु का शरीर लम्बा, गहरी छाती और अच्छी तरह से विकसित पेट वाला होता है.

अस्थि संरचना – हड्डियां हल्की लेकिन मजबूत होती हैं, जिससे दूध उत्पादन में अधिक ऊर्जा लग सके.

पैर – सीधे और मजबूत होने चाहिए ताकि पशु आराम से खड़ा रह सके.

2. थन और दूध उत्पादन क्षमता:

थन का आकार – बड़ा, लटकता हुआ और समान रूप से संतुलित होना चाहिए.

अधोजिह्विका – थनों से जुड़े चारों थन मध्यम आकार के होने चाहिए, बहुत छोटे या बहुत बड़े थन अच्छे नहीं होते हैं.

दूध की नसें – पेट के निचले हिस्से में उभरी और घुमावदार नसें होनी चाहिए, ये संकेत हैं कि पशु का दूध उत्पादन अच्छा है.

3. व्यवहार एवं स्वास्थ्य:

स्वभाव – दुधारू पशु आमतौर पर शांत स्वभाव के होते हैं.

खुराक – अच्छे दुधारू पशु का चारा खाने की आदत अच्छी होती है.

स्वास्थ्य – चमकदार त्वचा, आंखों में चमक और श्वसन क्रिया सामान्य होनी चाहिए.

4. प्रजनन एवं वंशावली:

वंशावली – अच्छी नस्ल का पशु अधिक दूध देता है.

प्रजनन क्षमता – नियमित गर्भधारण करने वाला पशु अधिक दूध उत्पादन के लिए उपयुक्त होता है.

5. दूध उत्पादन का रिकॉर्ड:यदि संभव हो तो पशु का पिछला दूध उत्पादन रिकॉर्ड देखें.

पहली बार दूध देने वाली गाय या भैंस के थनों को दबाकर दूध की मात्रा और गुणवत्ता की जांच करें.

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दुधारू पशुओं की कैसे करें पहचान? बेहद आसान है तरीका, जानें एक्सपर्ट के टिप्स



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