दूध से भर जाएगी बाल्टी, दुधारू पशुओं को बस एक बार खिला दें यह जलीय पौधा, जानिए

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दूध से भर जाएगी बाल्टी, दुधारू पशुओं को बस एक बार खिला दें यह जलीय पौधा, जानिए


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दुधारू पशुओं के लिए पौष्टिक और सस्ता चारा ढूंढ रहे किसानों के लिए एजोला एक बेहतरीन विकल्प है. यह चारा खेतों में नहीं बल्कि पानी की सतह पर तेजी से उगता है और कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाला पोषण देता है. एजोला में प्रोटीन की मात्रा अधिक होने के कारण गाय और भैंसों के दूध उत्पादन में बढ़ोतरी देखी जाती है. भूसे में मिलाकर इसे आसानी से पशुओं के आहार में शामिल किया जा सकता है, जिससे पशुओं का स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है.

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में किसान अपनी आय दोगुनी करने के लिए पशुपालन पर अधिक जोर दे रहे हैं. इस दिशा में किसानों को पशुपालन विभाग की ओर से जागरूक किया जाता है और अनुदान भी प्रदान किया जाता है. दूध उत्पादन के जरिए किसान अपनी आय बढ़ा रहे हैं, लेकिन सर्दियों के मौसम में पशुओं की सही देखभाल और संतुलित आहार बहुत जरूरी माना जाता है. थोड़ी सी लापरवाही होने पर पशु बीमार हो सकते हैं, जिससे दूध उत्पादन में भी कमी आ जाती है.

पशुओं

दुधारू पशुओं को आप आहार के रूप में एजोला पौष्टिक चारा खिला सकते हैं. यह चारा खेतों में नहीं, बल्कि पानी की सतह पर तेजी से उगता है और कम लागत में पशुओं को उच्च गुणवत्ता वाला फीड प्रदान करता है. इसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है, जिससे गाय और भैंसों में दूध उत्पादन में बढ़ोतरी होती है. एजोला को भूसे में मिलाकर पशुओं को आहार के रूप में दिया जा सकता है. रोजाना एजोला खिलाने से करीब 10–15 दिनों के भीतर दूध उत्पादन में अच्छी खासी बढ़ोतरी देखी जा सकती है.

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पशु एक्सपर्ट डॉ. एन. के. त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया कि एजोला दुधारू पशुओं के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. पशुओं को रोजाना 2 से 2.5 किलोग्राम एजोला खिलाना चाहिए. एजोला पशुओं में फास्फोरस और कैल्शियम की कमी को दूर करता है, जिससे बांझपन जैसी समस्याएं भी कम होती हैं. महंगे चारे की तुलना में किसान अब कम लागत में ही एजोला तैयार कर लेते हैं, जिससे खर्च घटता है और पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर रहता है.

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एजोला एक छोटा तैरने वाला जलीय पौधा है, जो स्थिर जल जैसे तालाब, टंकी, गड्ढे या कृत्रिम बेड में आसानी से उगाया जा सकता है. यह नीले-हरे शैवाल के साथ सहजीवी रूप में वायुमंडलीय नाइट्रोजन को स्थिर करता है. एजोला में उच्च मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है. इसमें प्रोटीन के साथ-साथ अमीनो एसिड, विटामिन (विटामिन ए, विटामिन बी12, बीटा कैरोटीन) और आवश्यक खनिज मौजूद होते हैं, जिससे यह पशुओं के लिए एक उत्कृष्ट पोषक तत्व बनता है. वहीं, एजोला में लिग्निन की मात्रा कम होती है, जिस कारण पशु इसे आसानी से पचा लेते हैं.

अगर आप दुधारू पशुओं को एजोला आहार के रूप में दे रहे हैं तो यह सावधानी बरतनी चाहिए बहुत अधिक मात्रा में दुधारू पशुओं को एजोला न खिलाएं, ध्यान रहे की साफ पानी में ही एजोला को उगाया जाए.

अगर आप दुधारू पशुओं को एजोला आहार के रूप में दे रहे हैं, तो कुछ सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है. दुधारू पशुओं को एजोला बहुत अधिक मात्रा में न खिलाएं और यह ध्यान रखें कि एजोला हमेशा साफ पानी में ही उगाया गया हो. शुरुआत में एजोला को धीरे-धीरे पशुओं के आहार में शामिल करें, ताकि उनका पाचन तंत्र इसे आसानी से स्वीकार कर सके. सड़ा हुआ या बदबूदार एजोला कभी भी पशुओं को न खिलाएं, क्योंकि इससे जानवर बीमार पड़ सकते हैं. एजोला को मुर्गियों को भी खिलाया जा सकता है, जिससे अंडा उत्पादन में वृद्धि होती है.

एजोला

अक्टूबर महीने से लेकर मार्च महीने तक एजोला उत्पादन शुरू किया जा सकता है. अप्रैल, मई और जून के महीनों में इसका उत्पादन काफी कम हो जाता है, लेकिन यदि छाया की व्यवस्था कर दी जाए तो इन महीनों में भी एजोला उगाया जा सकता है. इसके साथ ही पानी का उचित स्तर बनाए रखना और समय-समय पर पोषक तत्व देना जरूरी होता है. ठंडे और मध्यम मौसम में एजोला तेजी से फैलता है और उसकी गुणवत्ता भी बेहतर रहती है.

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