नींबू की फसल बचानी है तो फूल आते ही अपनाएं ये तरीके, किसान ने बताया पूरा फॉर्मूला!

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नींबू की फसल बचानी है तो फूल आते ही अपनाएं ये तरीके, किसान ने बताया पूरा फॉर्मूला!


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किसान की सलाह नींबू में फूल आते ही करें हल्की सिंचाई, तभी मिलेगा अच्छा उत्पादन

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नींबू के पौधों में फूल आने के समय किसानों को विशेष सावधानी रखने की जरूरत होती है. इस दौरान खेत की मिट्टी में हल्की नमी बनाए रखने के लिए सप्ताह में एक बार हल्की सिंचाई और बाग की गुड़ाई करनी चाहिए. अधिक पानी या रासायनिक खाद का प्रयोग करने से फूल झड़ सकते हैं और उत्पादन पर असर पड़ता है. कीटों से बचाव के लिए प्रोफेक्स दवा का छिड़काव भी किया जा सकता है. किसान राम प्रकाश मौर्य के अनुसार थोड़ी सी लापरवाही से पूरी फसल को नुकसान हो सकता है.

कौशाम्बी.  नींबू के पौधों में इस समय फूल आने की अवस्था चल रही है, ऐसे में किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. थोड़ी सी लापरवाही से पौधों के फूल झड़ सकते हैं, इससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है. जब भी पौधों में फूल निकलना शुरू हो जाए उसी समय जमीन की हमेशा नमी बनाए रखनी चाहिए, क्योंकि नमी के कारण ही फूल निकलना शुरू होते हैं. ऐसे में एक-एक सप्ताह में पानी की हल्की सिंचाई कर देनी चाहिए. नींबू के पेड़ में अधिक पानी की मात्रा नहीं देनी चाहिए. अगर खेतों में पानी का भराव रहता है तो वह फसल के लिए नुसकान का कारण हो सकता है. अधिक पानी देने से पौधें खराब होने लगते है और फूल झड़ने लगते हैं.

खेत की मिट्टी में हल्की नमी बनाए रखने के लिए बाग में हल्की गुड़ाई करें, जिससे जमीन की ऊपरी परत मुलायम रहे और जड़ों को पर्याप्त ऑक्सीजन मिल सके. बाग़ में पानी की हल्की सिंचाई एक एक सप्ताह में करते रहे ताकि जमीन की नमी बनी रहे और पौधों पर भी असर होता रहे.  इस अवस्था में किसी भी प्रकार की रासायनिक खाद का प्रयोग न करें, क्योंकि इससे भी फूल गिरने की संभावना बढ़ जाती है. इस अवस्था में रासायनिक खाद्य और अन्य किसी प्रकार की खाद का इस्तेमाल करते हैं तो इसका असर सीधे फूलों पर पड़ता है और फूल झड़ना शुरू हो जाते हैं. जिससे किसानों को काफी नुकसान हो जाता है ऐसे में किस को इस तरह की किसी भी कोई प्रकार की करो का इस्तेमाल न करें।

जमीन की नमी बनाए रखना जरूरी

नींबू के बाग में जब भी फूल निकलना शुरू हो जाते हैं तो उसे समय प्रोफैक्स नाम की कीटनाशक दवा का जरूर इस्तेमाल करें, क्योंकि यह दवा कीटाणुओं से रोक कर फूलों को भी रोकथाम करता है और झड़ने से भी रोकता है. जब भी पौधों में फूल निकलना शुरू हो जाए तो उसी समय प्रोफेक्स नाम की दवा को जरूर इस्तेमाल करें. इस दवा को इस्तेमाल करने के लिए मात्र ₹700 की दवा में चार ड्रम पानी की मात्रा को घोलकर लगभग एक बीघे बाग में इसका छिड़काव कर सकते हैं. किसान ने बताया की दवा का इस्तेमाल आवश्यकता अनुसार पानी मिलाकर घोल बनाएं जिससे फसलों पर भी असर करें.

किसान राम प्रकाश मौर्य ने बताया कि नींबू की बागवानी तो हमारे यहां बचपन से की जा रही है. कौशांबी के केशरिया गांव नींबू की खेती के लिए बहुत ही प्रसिद्ध गांव जाना जाता है. अधिकतर किसान नींबू की बागवानी करते हैं जैसा कि इस समय नींबू की बाग में फूल निकलना शुरू हो चुके हैं, तो ऐसे में किसानों को सतर्कतापूर्वक अपनी बातों को ध्यान देना चाहिए क्योंकि अगर थोड़ी सी भी लापरवाही हो गई तो फूल पूरी तरह झड़ जाएंगे और फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी. ऐसे में किसान को समय-समय पर पानी की हल्की सिंचाई एवं खेतों की गुड़ाई करना चाहिए. ताकि खेतों पर नमी बनी रहे और नीचे की गर्मियां बाहर निकलते रहे.

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Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



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