पंचायत चुनाव में मिले NOTA का विकल्प, हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में दाखिल हुई PIL
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Lucknow News: उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव में बैलट पेपर पर नोटा का विकल्प और प्रत्याशियों के नाम छापने को लेकर एक जनहित याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में दाखिल की गई है. इस याचिका पर शुक्रवार को अहम सुनवाई होगी.
याचिकाकर्ता का कहना है कि वर्तमान में पंचायत चुनावों में केवल चुनाव चिह्न ही छपता है, जिससे कई बार एक ही चिह्न वाले अलग-अलग उम्मीदवारों में मतदाता भ्रमित हो जाते हैं. साथ ही, लोकसभा-विधानसभा चुनावों की तरह पंचायत चुनावों में भी मतदाताओं को असंतोष जाहिर करने के लिए नोटा का अधिकार मिलना चाहिए.
यह जनहित याचिका शुक्रवार जस्टिस एआर मसूदी और जस्टिस बृजराज सिंह की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है.
याचिका में दिया गया ये तर्क
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने तर्क दिया है कि पंचायत चुनाव लोकतंत्र की जड़ हैं और इनमें मतदाता का मूल्य सर्वोच्च होना चाहिए. नोटा का प्रावधान न केवल मतदाताओं को नकारात्मक वोट देने का अधिकार देगा, बल्कि उम्मीदवारों की गुणवत्ता में भी सुधार लाएगा. राज्य निर्वाचन आयोग और उत्तर प्रदेश सरकार को इस मामले में पक्ष रखना है. कोर्ट आज ही इस याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई कर आगे की तारीख तय कर सकता है या कोई अंतरिम निर्देश भी जारी कर सकता है. बता दें कि 2026 पंचायत चुनावों की तैयारियां जोरों पर हैं और यदि कोर्ट इस याचिका पर कोई सकारात्मक फैसला देता है तो प्रदेश के लाखों मतदाताओं के लिए यह बड़ा बदलाव होगा.
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अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें