पशुओं के भोजन के इंतजाम में खुद बन गए थे बाघ का शिकार, ऐसे बची पीलीभीत के बुजुर्ग की जान

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पशुओं के भोजन के इंतजाम में खुद बन गए थे बाघ का शिकार, ऐसे बची पीलीभीत के बुजुर्ग की जान


Agency:News18 Uttar Pradesh

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Pilibhit news today: यूपी के कई इलाकों में बीते 3-4 महीनों से जंगली जानवरों का आंतक बना हुआ है. इनमें भेड़िया, बाघ और तेंदुआ जैसे खूंखार जंगली जानवर हैं. ये मौका मिलते ही लोगों को अपना शिकार बना लेते हैं…

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वन्यजीव के हमले में घायल बुजुर्ग.

पीलीभीत: यूपी के पीलीभीत में एक बार फिर मानव वन्यजीव संघर्ष की घटना सामने आई है. यहां पशुओं के लिए घास काट रहे बुजुर्ग किसान पर एक बाघ के हमले की बात सामने आई है. हमले में बुजुर्ग के पैर और हाथ पर घाव आए हैं. हाल फिलहाल बुजुर्ग को अस्पताल भेजा गया है जहां उनका इलाज जारी है. हमला किस वन्यजीव ने किया है इसे लेकर वन विभाग की टीमें जांच कर रही हैं.

पूरा मामला पीलीभीत जिले के पूरनपुर क्षेत्र के बिलहरी गांव का है. जानकारी के मुताबिक, गांव के ही रहने वाले 72 वर्षीय किसान रामनरेश अपने पशुओं के लिए पास से बहने वाली झनकईया नदी पर घास काटने गए थे. दोपहर तकरीबन 1 बजकर 30 मिनट पर झाड़ियों से निकले बाघ ने उन पर हमला कर दिया. हमले के दौरान बुजुर्ग की चीख सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण घटना स्थल पर पहुंचे और बुजुर्ग को उठाया. इसके बाद बुजुर्ग को प्राथमिक उपचार के लिए पूरनपुर ले जाया गया. घटना के बाद ग्रामीणों ने पूरे मामले की सूचना वन विभाग को दी लेकिन आरोप है कि सूचना देने के काफी समय बीत जाने के बाद भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे.

एक तरफ जहां पीड़ित और ग्रामीण बाघ के हमले की बात कह रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर वन विभाग अभी भी यह स्पष्ट नहीं कर पाया है कि हमला किस वन्यजीव ने किया है. पूरे मामले पर अधिक जानकारी देते हुए पीलीभीत वन एवं वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय निदेशक भरत डीके ने बताया कि बिलहरी गांव में वन्यजीव के हमले की जानकारी मिली थी लेकिन जांच के बाद ही स्पष्ट किया जा सकेगा कि हमला किस वन्यजीव ने किया है. इलाके में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. ग्रामीणों से खेतों पर जाते समय सावधानी बरतने की अपील की गई है.

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