पिता चलाते हैं पान की दुकान, बेटी ने मां के गुनगुनाए गीतों को बनाया अपना करियर
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Sultanpur News: कहते हैं कि अगर आपके पास टैलेंट है, तो आप किसी भी असहज परिस्थिति में भी सफलता हासिल कर लेती हैं. ऐसा ही कुछ करके दिखा सुल्तानपुर की बेटी कीर्ति चौरसिया ने. आइए उनके संघर्ष और सफलता की कहानी जानते हैं.
सुल्तानपुर: कभी-कभी किसी के जीवन में कुछ ऐसे परिवर्तन हो जाते हैं, जो उसके करियर को आगे की ओर ले जाते हैं. ऐसा ही कुछ हुआ उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले की 20 साल की लड़की कीर्ति चौरसिया के साथ, जो बचपन में अपनी मां के मुख से गीतों को गुनगुनाते हुए सुनती थीं. इस गुण को उन्होंने अपने जीवन में उतार लिया और आज वह कई बड़े मंचों पर पारंपरिक गीत जाकर न सिर्फ अपने परिवार का नाम रोशन कर रही हैं, बल्कि सुल्तानपुर जिले की शान बन गई हैं. ऐसे में आइए जानते हैं क्या है कीर्ति चौरसिया की संघर्ष और सफलता की कहानी.
यहां से की शुरुआत
सुल्तानपुर की मिट्टी से निकलकर देश के कई बड़े मंचों पर अपने गले के सुर को साझा कर चुकीं कीर्ति चौरसिया की उम्र अभी महज 18 साल है. लेकिन अपनी छोटी सी उम्र में उन्होंने सुल्तानपुर का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया है. वे पारंपरिक और लोक गीतों को गाती हैं और उन्होंने इसकी शुरुआत आज के 9 साल पहले की थी. वह लोकल 18 से बताती हैं कि उनकी मां जब घर में बधाई, सोहर और इस तरह के गाने गाती थीं, तभी वहां से कीर्ति ने भी सीखा और आज पारंपरिक गीतों को बड़े-बड़े मंच पर साझा कर रही हैं.
बन चुकी हैं विजेता
अपनी 18 साल की उम्र में ही कीर्ति चौरसिया ने कई मुकाम अपने नाम किए हैं और कई संगीत प्रतियोगिताओं में विजेता भी बनी हैं. उनमें 2026 में कीर्ति ने “वाइस आफ अवध” का खिताब जीता और इसके साथ ही भारत विकास परिषद की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने फर्स्ट लेवल पर प्रथम पुरस्कार और सेकंड लेवल पर भी प्रथम पुरस्कार हासिल कर कार्यक्रम की विजेता रही थीं. इसके अलावा प्रदेश स्तरीय कई संगीत प्रतियोगिताओं में विजेता बन चुकी हैं. आपको बता दें कि कीर्ति इस समय भातखंडे संगीत विश्वविद्यालय की बीपीएड की छात्रा हैं.
यह है पारिवारिक स्थिति
कीर्ति चौरसिया की पारिवारिक स्थिति बेहद ही सामान्य है. उनके पिता पान की दुकान चलाते हैं, लेकिन कीर्ति अपने कौशल और योग्यता के दम पर अब परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर रही हैं. इस समय कीर्ति चौरसिया का दूरदर्शन जैसे चैनल पर कार्यक्रम भी आता है.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.