पीलीभीत में टाइगर सफारी के बदले नियम….नहीं कर पाएंगे ये काम, बाघ देखने की हसरत रह सकती है अधूरी

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पीलीभीत में टाइगर सफारी के बदले नियम….नहीं कर पाएंगे ये काम, बाघ देखने की हसरत रह सकती है अधूरी


Agency:News18 Uttar Pradesh

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Pilibhit Tiger Reserve News : पीलीभीत टाइगर रिजर्व में टाइगर सफारी के लिए नियमों में बदलाव किया गया है. निर्धारित रूट से जंगल में एंट्री के बाद सफारी वाहनों को दूसरे मार्ग से लौटना होगा. एक मार्ग पर बार-बार घू…और पढ़ें

सांकेतिक फोटो.

हाइलाइट्स

  • पीलीभीत टाइगर रिजर्व में सफारी नियम बदले गए.
  • सफारी वाहन एक रूट पर एक बार ही सैर कर सकेंगे.
  • जंगली जानवरों की सुरक्षा के लिए नए नियम लागू.

पीलीभीत : उत्तर प्रदेश के पीलीभीत टाइगर रिजर्व में आने वाले सैलानियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. राजस्व के लिहाज से तो ये अच्छे संकेत हैं लेकिन जंगली जानवरों के व्यवहार व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब पीलीभीत टाइगर रिजर्व प्रशासन ने पर्यटन को नियंत्रित करने की कवायद शुरू कर दी है. अब सफारी वाहन एक रूट पर एक ही बार सैर कर सकेंगे. पीटीआर में सफारी के दौरान निर्धारित रूट से प्रवेश के बाद जंगल सफारी वाहनों को दूसरे मार्ग से लौटना होगा.नियमों में यह बदलाव पूर्व में बाघ की मौजूदगी वाले स्थान के दोनों ओर जंगल सफारी वाहनों की कतार लगने का वीडियो वायरल होने के बाद लिया गया है.

यूपी का पीलीभीत टाइगर रिजर्व बाघों की साइटिंग के लिहाज से काफी अधिक प्रसिद्ध हो रहा है. वहीं पीलीभीत टाइगर रिजर्व आने वाले सैलानियों को सबसे अधिक साइटिंग महोफ रेंज स्थित कच्ची व पक्की पटरी का इलाका सबसे अधिक मुफीद माना जाता है. यही कारण है कि सफारी चालक व नेचर गाइड पर्यटकों की बाघ के दीदार की ख्वाहिश पूरी करने के लिए सफारी के लिए मिले तीन घंटों में से अधिकांश समय इस इलाक़े में ही गुज़ारते हैं. ऐसे में पर्यटकों को बाघ की साइटिंग तो हो जाती है लेकिन जानकारों की मानें तो यह जंगल के लिहाज़ से ख़तरनाक साबित हो सकता है.

इस कारण हुआ बदलाव
लगातार पीलीभीत टाइगर रिजर्व में वाहनों की आवाजाही और इंसानी दखल के चलते बाघों के व्यवहार में भी बदलाव आ सकता है. ऐसे में अब पर्यटन को नियंत्रित करने के लिए पीलीभीत टाइगर रिज़र्व प्रशासन की ओर से कवायद की जा रही है. सफारी चालकों गाइडों को एक रूट पर एक ही बार सैर करने की हिदायत दी जा रही है. वही एक रूट से प्रवेश करने के बाद दूसरे रूट से निकलने के निर्देश दिए जा रहे हैं. पूरे मामले पर अधिक जानकारी देते हुए पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि लगातार बढ़ते पर्यटन के साथ ही साथ वन्यजीवों की सुरक्षा भी एक अहम पहलू है. इसी को ध्यान में रखते हुए पर्यटन के लिहाज़ से समय समय पर फ़ैसले लिए जाते हैं.

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