पोल्ट्री फॉर्म का करना है बिजनेस तो सरकार करेगी मदद, जानिए पूरा प्रोसेस
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उत्तर प्रदेश सरकार की कुक्कुट विकास नीति 2022 के तहत मुर्गी पालन को बढ़ावा देने के लिए किसानों और युवाओं को बड़ी राहत दी जा रही है. इस योजना के अंतर्गत पोल्ट्री फार्मिंग शुरू करने के लिए 70 लाख रुपये तक का ऋण और 70% तक सरकारी सहयोग दिया जाता है.
कौशांबी: उत्तर प्रदेश कुक्कुट विकास नीति 2022 के तहत पोल्ट्री फार्मिंग के लिए सरकार द्वारा 70 लाख रुपये तक का ऋण 5 वर्षों के लिए दिया जा रहा है, जिससे मुर्गी पालक अपने व्यवसाय को बढ़ा सकते हैं. यदि मुर्गी पालक 5 वर्षों तक अच्छा प्रदर्शन करता है, तो इसके बाद ब्याज दर घटाकर 7% कर दी जाती है, जिससे व्यापारी को अच्छा लाभ मिलता है. इस तरह व्यक्ति अपना पोल्ट्री व्यवसाय शुरू कर सकता है या उसे और आगे बढ़ा सकता है.
कौन उठा सकता है योजना का लाभ
योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक व्यक्ति के पास स्वयं की जमीन होना आवश्यक है. यदि जमीन नहीं है, तो एग्रीमेंट के माध्यम से जमीन लेकर भी इस व्यवसाय की शुरुआत की जा सकती है. सरकार की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाना और लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है. मुर्गी पालन के क्षेत्र में यह योजना युवाओं और किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर साबित हो सकती है.
यह योजना कुक्कुट विकास योजना है, जिसमें मुर्गी पालन मुख्य रूप से अंडा देने वाली मुर्गियों के लिए किया जाता है. इसमें 10,000 से लेकर 90,000 तक मुर्गियों का पालन शुरू किया जा सकता है. अंडा देने वाली मुर्गियों से व्यापारी को अच्छा लाभ होता है, क्योंकि पहले कुछ समय तक अंडों की बिक्री से आय होती है और बाद में मुर्गियों को बेचकर भी लाभ कमाया जा सकता है.
सरकार 70% तक करती है सहयोग
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि जो व्यक्ति मुर्गी पालन का कार्य शुरू करना चाहता है, उसके लिए सरकार द्वारा अंडा देने वाली मुर्गियों की योजना लागू की गई है. इसमें लगभग 1 करोड़ रुपये की लागत से व्यवसाय शुरू किया जा सकता है, जिसमें सरकार 70% तक सहयोग करती है यानी 30 लाख रुपये की लागत मुर्गी पालक को स्वयं वहन करनी होती है. शेष 70 लाख रुपये का ऋण विभाग द्वारा 7% ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाता है, जिससे मुर्गी पालक आसानी से अपना व्यवसाय आगे बढ़ा सकता है.
खुद की जमीन होना जरूरी
मुर्गी पालन का व्यवसाय शुरू करने के लिए स्वयं की जमीन होना जरूरी है. यदि जमीन उपलब्ध नहीं है, तो एग्रीमेंट पर लेकर भी व्यवसाय शुरू किया जा सकता है. इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पशु विभाग से संपर्क कर आवेदन करना होगा. आवेदन के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक और मुर्गी पालन का अनुभव प्रमाण पत्र आवश्यक है. इन दस्तावेजों के साथ आवेदन कर योजना का लाभ लिया जा सकता है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें