प्रशासन का अलर्ट: समय रहते पूरी करें जरूरी प्रक्रिया, खाद वितरण से लेकर अन्य योजनाएं भी होंगी प्रभावित
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Chitrakoot Latest News : चित्रकूट में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त से पहले बड़ा अलर्ट जारी हुआ है. जिले के करीब 32 हजार किसानों ने अब तक ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्री पूरी नहीं कराई है. यदि समय रहते प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो हजारों किसानों की अगली किस्त अटक सकती है, जिससे आर्थिक संकट गहरा सकता है.
चित्रकूट : बुंदेलखंड के पिछड़े जिलों में शुमार चित्रकूट से किसानों के लिए चिंताजनक खबर सामने आई है. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त से पहले प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है. ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्री पूरी न करने वाले हजारों किसान अगली किस्त से वंचित हो सकते हैं. चित्रकूट जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत कुल 1 लाख 39 हजार 256 किसान पंजीकृत हैं. लेकिन इनमें से लगभग 32 हजार किसानों ने अब तक ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी नहीं की है. यह लापरवाही अब उनके लिए आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है. यदि समय रहते आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं कराई गई तो अगली किस्त उनके खाते में नहीं पहुंचेगी.
22वीं किस्त को लेकर प्रशासन का अलर्ट
22वीं किस्त जारी होने से पहले प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि केवल उन्हीं किसानों को योजना का लाभ मिलेगा जिनकी ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्री पूरी होगी. सरकार के निर्देश स्पष्ट हैं कि अपूर्ण दस्तावेज या अधूरी प्रक्रिया वाले किसानों के भुगतान पर रोक लगाई जा सकती है. ऐसे में संबंधित किसानों को जल्द से जल्द आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने की सलाह दी गई है.
उपकृषि निदेशक ने दी जानकारी
उपकृषि निदेशक राजकुमार ने लोकल 18 को बताया कि जिले में ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों को घर-घर जाकर ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्री के लिए प्रेरित करें. उन्होंने कहा कि प्रक्रिया बेहद सरल है और कुछ ही मिनटों में ऑनलाइन या संबंधित केंद्र पर पूरी की जा सकती है.
अन्य कृषि लाभ भी हो सकते हैं प्रभावित
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब केवल सम्मान निधि ही नहीं, बल्कि कृषि विभाग से मिलने वाली अन्य योजनाओं का लाभ भी फार्मर रजिस्ट्री से जुड़ा होगा. यहां तक कि खाद वितरण व्यवस्था में भी रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी गई है. यदि किसान समय पर यह प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं तो उन्हें खाद और अन्य कृषि संसाधनों के वितरण में भी परेशानी उठानी पड़ सकती है.
छोटे और सीमांत किसानों के लिए अहम सहारा
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि छोटे और सीमांत किसानों के लिए आर्थिक संबल का काम करती है. बीज, खाद और कीटनाशक खरीदने से लेकर घरेलू जरूरतों तक में यह धनराशि महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. खासकर बुंदेलखंड जैसे क्षेत्र में, जहां कृषि पहले से ही चुनौतियों से जूझ रही है, वहां यह मदद किसानों के लिए राहत का जरिया बनती है.
समय रहते कार्रवाई जरूरी
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे लापरवाही न बरतें और जल्द से जल्द ई-केवाईसी व फार्मर रजिस्ट्री पूरी कराएं. तकनीकी प्रक्रिया में देरी सीधे उनके खाते में आने वाली राशि पर असर डाल सकती है. इसलिए जरूरी है कि किसान समय रहते आवश्यक कदम उठाएं, ताकि सम्मान निधि की अगली किस्त बिना किसी बाधा के उनके खाते में पहुंच सके.