प्लेसमेंट के मामले में आखिर मऊ के स्टूडेंट क्यों रह गए पीछे? यहां जानिए वजह
मऊ: देखा जा रहा है कि मऊ के छात्र-छात्राओं का प्लेसमेंट अन्य शहरों की अपेक्षा कम हो रहा है. इसकी सबसे बड़ी समस्या जिले से सामने आई है, तो आइए जानते हैं कि इस समस्या का समाधान कैसे हो सकता है और मऊ के छात्र-छात्राओं का प्लेसमेंट ना होने की वजह क्या है, इसके बारे में मुख्य जानकारी एक्सपर्ट ने दिए हैं.
लोकल 18 से बात करते हुए किंग्स ईडन इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन डॉ. प्रवीण कुमार मद्धेशिया ने बताया कि मऊ जनपद में अब तक युवाओं को अन्य शहरों की अपेक्षा प्लेसमेंट कम मिल रही थी. शिक्षा के अभाव में उन्हें अन्य शहरों में नौकरियां कम मिलती रही हैं, लेकिन अब धीरे-धीरे मऊ जनपद का शिक्षा स्तर बढ़ रहा है और मऊ के लोग भी सरकारी नौकरियां हासिल करने में एक नई मुकाम हासिल कर रहे हैं.
इसलिए युवा हो रहे हैं पीछे
ग्रामीण क्षेत्र होने की वजह से कुछ टेक्नोलॉजी की कमी थी, जिसकी वजह से युवाओं को सही शिक्षा नहीं मिल पाती थी. यही वजह रही है कि लोग अब पीछे होते चले जा रहे थे, लेकिन अब सही शिक्षा मिलने से वह आगे बढ़ रहे हैं.
टेक्नोलॉजी पर दिया जा रहा विशेष ध्यान
डॉ. प्रवीण कुमार मद्धेशिया बताते हैं कि टेक्नोलॉजी की कमी की वजह से बच्चों को सही शिक्षा ग्रहण नहीं हो पाती थी. लेकिन अब स्कूलों में परिवर्तन किया जा रहा है. जगह-जगह ऑथेंटिक बोर्ड और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट कर दिया गया है, जिसकी वजह से शिक्षा का स्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है अब शहरों की अपेक्षा यहां के बच्चों की तुलना की जा रही है.
उन्होंने बताया कि नई टेक्नोलॉजी में स्मार्ट बोर्ड, लैब्स और सबसे बड़ी ग्रामीण क्षेत्रों में अंग्रेजी की रही है, उस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, क्योंकि इंग्लिश पर ही अब सारी वैकेंसी आधारित हो गई है. इसलिए अंग्रेजी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
बेहतर शिक्षा के लिए अंग्रेजी की जानकारी जरूर
इंटर के बाद जो भी पढ़ाई की जाती है चाहे वकालत हो, इंजीनियरिंग हो या फिर एमबीबीएस की, इन सभी डिग्रियों के लिए अंग्रेजी की जानकारी होना बहुत जरूरी है. यही वजह रही है कि हमारे यहां के बच्चे अंग्रेजी की सही जानकारी न होने की वजह से पीछे होते चले जा रहे थे, लेकिन अब मऊ जनपद में भी उनके शिक्षा स्तर को आगे बढ़ाने के लिए अंग्रेजी की युद्ध स्तर पर जानकारी दी जा रही है, ताकि इंटर के बाद कोई भी छात्र अपना करियर बना सके और किसी भी परीक्षा कंपटीशन में बैठकर उस कंपटीशन को निकाल सके.
पहले से ही छात्रों को कराया जा रहा अब कंपटीशन
अब स्कूलों में छात्रों को कंपटीशन निकालने के लिए पहले से ही अलग-अलग विद्यालयों से टीचरों को बुलाकर उनका कंपटीशन कराया जाता है, जिससे आगे चलकर उनकी परीक्षा आराम से निकल सके और वह अपने भविष्य को बेहतर बना सकें, चाहे वह डॉक्टर बने, इंजीनियर बने, वकील बने या फिर आईएएस-पीसीएस ही क्यों ना बने. इन सभी का मुख्य कारण था बेहतर शिक्षा और अंग्रेजी का अभाव. इसलिए अब विद्यालयों में बेहतर शिक्षा दी जा रही है और अंग्रेजी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. यही वजह रही है कि हमारा मऊ जनपद अन्य शहरों की अपेक्षा अब तक पीछे रही है.