फलों से लद जाएगा आम का पेड़, अगर कर लिया ये कारगर उपाय
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बांझ हो चुके आम के पौधों को पोषक तत्व देना होता है. इन पोषक तत्वों की कमी से आम के पेड़ में बौर नहीं लगते हैं. वैसे कुछ पेड़ ऐसे होते हैं जिनमें एक साल कम और 1 साल फल ज्यादा आता है, जो प्रकृति की देन है.
अगर आपके आम के पेड़ों पर नहीं आ रहा बौर तो हो गई है पोषक तत्वों की कमी
सहारनपुर: पश्चिमी यूपी में आम की पैदावार बड़े स्तर पर की जाती है. सहारनपुर का आम भारत देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक अपनी मिठास छोड़ता है. आम के बागों में पेड़ों पर बौर आने लगा है. वहीं देखने में आ रहा है कि कुछ पेड़ों पर अभी तक भी बौर नहीं आया है जिसे किसानों को उत्पादन कम होने का डर सता रहा है, लेकिन जिन पेड़ों पर बौर अभी तक नहीं आया है उन पेड़ों में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है.
कारगर उपाय
इन पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी व प्रोफेसर डॉक्टर आई.के कुशवाह जानकारी ने बताया कि आम के पेड़ में पहले अगर कभी फल आया हो और अब नहीं आ रहा हो तो उसमें हार्मोंस और पोषक तत्वों की कमी हो गई है, जिसको पूरा करने के लिए किसान तुरंत उसमें ढाई सौ ग्राम बोरिक एसिड, ढाई सौ ग्राम जिंक सल्फेट, ढाई सौ ग्राम कॉपर सल्फेट और आधा किलो चूना मिलाकर के सड़ी गोबर की खाद में मिलाकर के पेड़ के ताने से 2 मीटर दूर चारों ओर नाली बनाकर के उसमें डाल दें. इन तत्वों को पौधे में हर साल डालना होता है पेड़ इन तत्वों को ग्रहण करता है और फ्रुटिंग देने लगता है.
पोषक तत्वों की कमी
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी व प्रोफेसर डॉक्टर आई. के कुशवाहा ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि बागों में अल्टरनेट बेरिंग होती है जिसमें एक साल कम और 1 साल फल ज्यादा आता है, जो प्रकृति की देन है. लेकिन कुछ पौधे ऐसे होते हैं जो पूरे तरीके से बांझ हो जाते हैं और फल नहीं देते. ऐसे पौधों में हारमोंस व पोषक तत्वों की कमी हो जाती है जिसके कारण पेड़ पर फूल और फल नहीं आता. ऐसे बांझ हो चुके पौधों को पोषक तत्व देना होता है. अगर आपके बाग में पेड़ 10 साल से अधिक के हैं, तो उसमें ढाई सौ ग्राम बोरिक एसिड, ढाई सौ ग्राम जिंक सल्फेट, ढाई सौ ग्राम कॉपर सल्फेट और आधा किलो चूना मिलाकर के सड़ी गोबर की खाद में मिलाकर के पेड़ के ताने से 2 मीटर दूर चारों ओर नाली बनाकर के उसमें डाल दें.
ओवर डोज है नुकसान
इन तत्वों को पौधे में हर साल डालना होता है. पेड़ इन तत्वों को ग्रहण करता है और फ्रुटिंग देने लगता है. वहीं कुछ किसान पेड़ से अधिक फल लेने के लिए अधिक डोज का प्रयोग करते हैं, जिससे पौधा के हारमोंस कमजोर होने लगते हैं. फल और फूल तो अच्छा आता है, लेकिन पौधा कमजोर हो जाता है, जिसके कारण या तो पौधा कुछ समय के बाद सुख जाता है या फिर उसमें कुछ सालों तक फल नहीं आता.
Saharanpur,Saharanpur,Uttar Pradesh
March 07, 2025, 08:41 IST