फैटी लीवर से हैं परेशान, तो यहां डॉक्टर से जानिए इसके लक्षण और बचाव के उपाय
देखा जा रहा है आजकल लोग फैटी लीवर से परेशान हो रहे हैं, इसका मुख्य कारण गलत खान-पान और शारीरिक गतिविधियों की कमी है. आइए जानते हैं इस बीमारी से कैसे बचा जा सकता है और किस प्रकार अपना खान-पान रखें, जिससे इस बीमारी से बच सकें.
फैटी लीवर के तीन ग्रेड होते हैं
केसरी राज हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉ. सुमंत गुप्ता बताते हैं कि गलत खान-पान के कारण अब बच्चों में भी फैटी लीवर की समस्या बढ़ती जा रही है. फैटी लीवर तीन ग्रेड में पाया जाता है- ग्रेड 1, ग्रेड 2 और ग्रेड 3.
लीवर का साइज कैसे बढ़ता है
डॉ. सुमंत गुप्ता के अनुसार, लीवर का सामान्य आकार 11 से 16 सेमी होता है. लीवर में फैट कितना जमा हो रहा है और उसका साइज कितना बढ़ रहा है, उसी आधार पर फैटी लीवर को अलग-अलग ग्रेड में बांटा जाता है. ग्रेड 1 और ग्रेड 2 में ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं होती. ग्रेड 1 में आमतौर पर इलाज की जरूरत नहीं पड़ती.
भूख न लगने के साथ पेट में होता है दर्द
ग्रेड 3 में लीवर में फैट की मात्रा काफी बढ़ जाती है. इस स्थिति में लीवर से एंजाइम कम निकलते हैं, जिससे खाना पचाने में परेशानी होती है, भूख लगना कम हो जाता है, पेट में सूजन हो जाती है और पेट के दाहिने हिस्से में दर्द शुरू हो जाता है, कंधे में दिक्कत उत्पन्न हो जाती है.. यह इसके प्रमुख लक्षण माने जाते हैं. यदि इस प्रकार के आपके शरीर में कोई लक्षण दिखाई दें, तो तत्काल इलाज शुरू कर दें.
फैटी लीवर से कैसे बचें
यदि चाहते हैं कि फैटी लिवर जैसे बीमारी से ग्रसित ना हो, तो जंक फूड खाना छोड़ दें, अधिक मीठे का सेवन न करें, तेल युक्त भोजन ना खाएं, समय-समय पर एक्सरसाइज अवश्य करें.
फैटी लीवर में क्या खाएं
फैटी लीवर कम करने के लिए हरी सब्जियों का सेवन करें, गर्म पानी करके पिए और प्रतिदिन एक फल अवश्य खाएं और एक्सरसाइज प्रतिदिन करें. यदि प्रतिदिन दौड़ने की आदत है, तो 15 मिनट अवश्य दौड़े और यदि टहलने चाहते हैं, तो 45 मिनट अवश्य टहलें.
नजरअंदाज करना बन सकता है खतरनाक
अगर फैटी लीवर को नजरअंदाज किया गया तो यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है. इससे भूख पूरी तरह खत्म हो सकती है, पेट में पानी भर सकता है और सेहत को भारी नुकसान पहुंच सकता है.