महाकुंभ में प्रेम की गजब मिसाल…पति पत्नी बने एक दूसरे का सहारा, कर रहे बंपर कमाई!

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महाकुंभ में प्रेम की गजब मिसाल…पति पत्नी बने एक दूसरे का सहारा, कर रहे बंपर कमाई!


Agency:News18 Uttar Pradesh

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Maha Kumbh 2025: महाकुंभ में अलग-अलग नजारे देखने के लिए मिल रहे हैं. पति-पत्नी की गजब मिसाल देखने के लिए मिल रही है. दोनों एक दूसरे का सहारा बनकर कमाई कर रहे हैं.

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पति के कंधे का सहारा बनी पत्नी

हाइलाइट्स

  • महाकुंभ में पति-पत्नी ठेला चलाकर कर रहे कमाई.
  • रीवा से आए अंकित और संगीता की प्रेम कहानी.
  • ठेले से रोजाना 1200-1500 रुपये की कमाई.

Maha Kumbh 2025: महाकुंभ के चार प्रमुख स्नान बीत चुके हैं, जिसमें मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी एवं मां की पूर्णिमा शामिल है. लेकिन श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला कम होने का नाम नहीं ले रहा है. ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए सहारा बने ठेला संचालक इनको संगम क्षेत्र तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं. इसी ठेला संचालक में एक पति पत्नी जो की रीवा से आए हुए हैं, प्रेम का मिसाल बन रहे हैं.

पति के कंधे का सहारा बनी पत्नी
महाकुंभ मेला क्षेत्र में परेड ग्राउंड से लेकर संगम न्यूज तक पहुंचाने के लिए लगभग 1200 ठेला संचालक लगातार श्रद्धालुओं की सेवा में जुड़े हुए हैं. ऐसे में मध्य प्रदेश के रीवा से आए पति-पत्नी जो की दारागंज में कमरा लेकर यहां पर ठेला चलाने का काम करते हैं. वह श्रद्धालुओं की सेवा में डटे हुए हैं. खास बात क्या है कि लगभग 15 वर्ष शादी को हो गए हैं. लेकिन गरीबी के चलते पत्नी भी पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर ठेला धकेलना का काम कर रही है. जिससे कि दो रोटी का जुगाड़ हो सके और बच्चों की पढ़ाई लिखाई पूरी हो सके.

हो जा रही इतनी कमाई
ठेला संचालक अंकित और उनकी पत्नी संगीता दोनों परेड ग्राउंड से ही श्रद्धालुओं को अपने ठेले पर बैठकर एक दूसरे का सहयोग करते हुए संगम पर पहुंचने का काम करने हैं. जहां पति ठेले का हैंडल संभालता है तो पत्नी पीछे से धक्का लगाते हुए नजर आ रही है. इसमें सबसे खास बात है कि लोकल 18 से बात करते हुए संगीता ने बताया कि हम लोगों की लव मैरिज हुई थी. 15 साल से दोनों साथ रहते हैं लेकिन घर में कमाई का कोई और जरिया न होने की वजह से हम पति के साथ ही ठेला चलाने का काम करते हैं.

हमारे पति ठेला खींचते हैं और हम पीछे से धक्का लगाते हैं जिससे कि वह आसानी से ठेले को खींच सके और हम लोगों की कुछ कमाई हो सके. एक श्रद्धालु का ₹50 से लेकर ₹100 तक लेते हैं और दिन भर में लगभग 1200 से ₹1500 तक की कमाई हो जा रही है.

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गजब की प्रेम कहानी
प्रेम अमीरी और गरीबी नहीं देखा है जब हो जाता है तो लोग जीवन भर निभाने के लिए तैयार रहते हैं, इसी प्रेम का मिसाल बन रही संगीता और उनके पति अंकित का जो 15 साल पहले रीवा में ही प्रेम विवाह किया और आज भी इनका प्रेम दिखाई पड़ रहा है. क्योंकि जिस तरह अपने पति के साथ मिलकर संगीता काम करती हैं. संगीता के दो बच्चे हैं एक नवी कक्षा में पढ़ता है तो एक छठवीं कक्षा में पढ़ाई करता है.

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