माघ मेला: संगम स्नान के लिए बुंदेलखंड से सीधी राह, 80 नई बसों का तोहफा,जाने किस रूट को मिली कितने बसे
यूपी के प्रयागराज में एक बार फिर आस्था का महासंगम सजने जा रहा है. महाकुंभ की तर्ज पर माघ मेले का शुभारंभ जनवरी से होने जा रहा है, जो फरवरी तक चलेगा. वहीं इस बार संगम तट पर गंगा-यमुना-सरस्वती के पावन जल में डुबकी लगाने के लिए लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है. इसे देखते हुए यूपी सरकार और जिला प्रशासन ने कमर कस ली है. इसी बीच श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है, जो खास तौर पर बांदा और चित्रकूट के लोगों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है.
1 जनवरी से इन बसों का संचालन
बता दें कि इस बार माघ मेले में श्रद्धालुओं की संख्या महाकुंभ से भी ज्यादा होने की संभावना जताई जा रही है. ऐसे में पिछले वर्षों की तरह बसों की किल्लत, भीड़ और अव्यवस्थित यात्रा से लोगों को बचाने के लिए परिवहन विभाग ने पहले ही ठोस कदम उठा लिया है और बांदा डिपो से प्रयागराज के लिए 80 नई बसों का संचालन 1 जनवरी से शुरू किया जा रहा है. इन बसों के जरिए बुंदेलखंड के श्रद्धालु बिना किसी झंझट के सीधे संगम तक पहुंच सकेंगे.
जानकारी के लिए बता दें कि अब तक प्रयागराज जाने वाले श्रद्धालुओं को या तो ट्रेन के भरोसे रहना पड़ता था या फिर सीमित चल रही बसों पर .कई बार बसें न मिलने के कारण लोगों को बीच रास्तों में भटकना पड़ता था. लेकिन इस बार परिवहन विभाग की इस योजना से तस्वीर बदलने वाली है. श्रद्धालु अपने ही जिले से बस पकड़ेंगे और सीधे प्रयागराज संगम पहुंच जाएंगे.
इन रूटों पर चलेगी बसें
वही इस संबंध में परिवहन विभाग के अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि 1 जनवरी से 15 फरवरी तक यह विशेष बस सेवा लगातार संचालित की जाएगी. बांदा डिपो से प्रयागराज के लिए 30 बसें चलाई जाएंगी, इसके अलावा चित्रकूट से प्रयागराज के लिए 25 बसें, राजापुर से 5, मानिकपुर से 4, महेवा से 2, पन्ना से 2, कालिंजर से 3, नरैनी से 3 और बबेरू से 6 बसों का संचालन किया जाएगा. ये सभी बसें अच्छी हालत में होंगी, साफ-सुथरी रहेंगी और समयबद्ध तरीके से चलाई जाएंगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न होने पाए.
जरूरत पड़ने पर बढ़ाई जाएंगी बसें
उन्होंने आगे की जानकारी में बताया कि परिवहन विभाग का यह भी कहना है कि अगर माघ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या अनुमान से ज्यादा बढ़ती है, तो अतिरिक्त बसें भी मैदान में उतारी जाएंगी यानी जरूरत के हिसाब से व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा. अधिकारियों का मानना है कि इस बार माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या रिकॉर्ड तोड़ हो सकती है, क्योंकि कुंभ की तर्ज पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं.