मार्केट में आया सांप पकड़ने का पिंजरा, अब चूहे की तरह पकड़े जाएंगे नागराज
Agency:News18 Uttar Pradesh
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Snake catching cage : इटावा के सर्प मित्र डॉ. आशीष त्रिपाठी ने इस पिंजरे को तैयार किया है. सांप पकड़ने की ये बहुत सस्ती और काम की टेक्निक है. इससे न केवल सर्पदंश में कमी आएगी बल्कि सांपों को भी बचाया जा सकेगा.
अब सांपों से घबराने की कोई जरूरत नहीं सर्प मित्र डॉ.आशीष त्रिपाठी ने लांच किया स
हाइलाइट्स
- ये एक ऑटोमैटिक डिवाइस है.
- बिजली या कोई सेल लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
- पिंजड़े में सांप खुद-ब-खुद कैद हो जाएगा.
इटावा. भारत में हर घंटे सांप काटने से छह लोगों की जान चली जाती है. दुनियाभर में सांप के काटने से होने वाली मौतों का आधा हिस्सा भारत में है. यहां हर साल करीब 58 हजार लोगों की सर्प दंश से मौत हो जाती है. अस्पतालों में हर साल सांप कांटने के कई मामले पहुंचते हैं. उत्तर प्रदेश में तो सर्प दंश को आपदा घोषित करना पड़ा है. लोग कुछ भी कहें लेकिन सांपों से किसे डर नहीं लगता. घर में निकल आए तो बिना उसे बाहर किए चैन नहीं पड़ता. खुद नहीं भगा पाते तो सांप पकड़ने वाले एक्सपर्ट बुलाते हैं. घर में निकला एक सांप घंटों पूरे परिवार को नचाता है. लेकिन अब न नचाने की जरूरत है और न ही सांप पकड़ने वाले एक्सपर्ट बुलाने की.
नाम रखा ‘हिस्केज’
चूहे पकड़ने का पिंजरा तो आपने खूब देखा होगा लेकिन क्या सांप पकड़ने का भी पिंजरा देखा है. सर्प मित्र डॉ. आशीष त्रिपाठी ने सांपों को पकड़ने के लिए एक ऐसा ही पिंजरा तैयार किया है, जिसका इस्तेमाल हर कोई बड़ी ही आसानी से कर सकता है. उत्तर प्रदेश के इटावा में सक्रिय सर्प मित्र डॉ. आशीष त्रिपाठी के इस पिंजरे में सांपों को चूहों की तरह पकड़ा जा सकता है. ‘हिस्केज’ नाम के इस पिंजरे में सांप खुद आकर कैद हो जाएगा.
आकर्षण का केंद्र
इटावा के मिलेट्स मेले में इन दिनों सांप पकड़ने का पिंजरा लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. इसकी तारीफ यूपी सरकार में प्रभारी मंत्री धर्मवीर प्रजापति और सदर विधायक सरिता भदौरिया भी कर चुके हैं. वन्य जीव विशेषज्ञ डॉ. आशीष त्रिपाठी ने सांप पकड़ने के अपने पिंजरे का प्रदर्शन मिलेट्स मेले में किया. उन्होंने चूहेदानी की तरह सांप पकड़ने का एक बॉक्स बनाया है, जिसमें सांप खुद ही प्रवेश कर जाता है. इसकी मदद से सांप को आसानी से उसके प्राकृतिक वास में छोड़ जा सकता है.
अंडे का झांसा
डॉ. आशीष बताते हैं कि ये स्वचालित डिवाइस है. इसके प्रयोग से सांप घर में कहीं भी हो, इसमें स्वयं प्रवेश कर जाता है. इसमें किसी प्रकार की बिजली या कोई सेल लगाने की जरूरत नहीं है. इसे लकड़ी और रेक्सीन से तैयार किया गया है. इस पिजरें में सांपों को लुभाने के लिए एक अंडा रखा जाता है. ये बहुत सस्ती व्यवस्था है. इस पिंजरे से सर्पदंश में कमी आएगी और सांपों को भी बचाया जा सकेगा.
Etawah,Uttar Pradesh
January 28, 2025, 16:14 IST