मुरादाबाद की महिलाएं टोकरी सजाकर बन रही हैं आत्मनिर्भर, घर बैठे कमा रही मुनाफा
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मुरादाबाद की महिलाएं अब हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं. “शुभ स्वयं सहायता समूह” की 12 महिलाओं ने मिलकर घर बैठे टोकरी बनाने और सजाने का काम शुरू किया है. इस काम से उन्हें अच्छा मुनाफा हो रहा है और वे अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बना रही हैं. प्रत्येक महिला 10,000 से 15,000 रुपए तक कमा रही है, जिससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि समाज में उनकी नई पहचान भी बन रही है.
मुरादाबाद. महिलाएं आज के समय में क्या नहीं कर रही, महिलाएं अब हर क्षेत्र में आगे है. अपने आपको आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं. ऐसे ही कुछ महिलाओं ने एक समूह बनाकर टोकरी बनाने का काम शुरू किया है, जिसे सजाकर वह बेच रही हैं. इस काम से उन्हें अच्छा मुनाफा हो रहा है और वे अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बना रही हैं. ये महिलाएं घर बैठे अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं और समाज में एक नई पहचान बना रही हैं. उनकी इस पहल से न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि वे अपने परिवार की आर्थिक मदद भी कर रही हैं.
12 महिलाओं का है समूह
समूह की अध्यक्ष पूजा यादव ने बताया कि मुरादाबाद में यह समूह शुभ स्वयं सहायता समूह के नाम से चल रहा है. समूह में 12 महिलाएं जुड़ी हुई हैं. उन्होंने बताया की अभी हम 6 महिलाओं ने मिलकर 100 टोकरियां तैयार की हैं. उनका कहना है कि हम इस टोकरी को सजावट करके उसकी सुंदरता और खूबसूरती बढ़ाकर तैयार करते हैं. टोकरी की यह खासियत है कि यह देखने में बेहद खूबसूरत और आकर्षक लगती है. इस टोकरी को हमने घर के वस्त्रों से सजाया है.
खूब हो रहा मुनाफा
हम सभी महिलाएं समूह के माध्यम से इसे तैयार कर रही हैं, सभी महिलाएं अलग अलग काम कर रहीं हैं. कुछ महिलाएं टोकरियां तैयार कर रही हैं और कुछ महिलाएं वस्त्र तैयार करती हैं. कुछ महिलाएं उस टोकरी को चुनरी से सजाती हैं, इस प्रकार हम सभी महिलाओं को इस काम मे बहुत अच्छा मुनाफा हो जाता है. प्रत्येक महिला 10000 से 15000 रुपए आसानी से कमा लेती है. हमारा पूरा समूह इस कार्य को करके अच्छी इनकम कर रहा है. इसके साथ ही हमारे समूह की सभी महिलाएं आत्मनिर्भर बन गई हैं और अब अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का काम कर रही हैं.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें