मुरादाबाद में भी उग सकता है सेब! ये 2 किस्में दिलाएंगी तगड़ा मुनाफा, जानिए सब

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मुरादाबाद में भी उग सकता है सेब! ये 2 किस्में दिलाएंगी तगड़ा मुनाफा, जानिए सब


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मुरादाबाद में भी उग सकता है सेब! ये 2 किस्में दिलाएंगी तगड़ा मुनाफा, जानिए सब

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मुरादाबाद के किसान अब पारंपरिक फसलों के साथ-साथ सेब की खेती करके भी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. उन्नत किस्मों जैसे HRMN-99 और अन्ना को अपनाकर, टपक सिंचाई तकनीक और जैविक खेती के जरिए कम लागत में बेहतर उत्पादन लिया जा सकता है. बाजार में सेब की हमेशा अच्छी मांग रहने के कारण यह खेती किसानों के लिए कमाई का बेहतरीन विकल्प बन सकती है.

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मुरादाबाद. आमतौर पर सेब की खेती पहाड़ी इलाकों से जोड़ी जाती है, लेकिन अब उन्नत किस्मों और नई तकनीकों की मदद से मैदानी क्षेत्रों में भी इसकी खेती संभव हो गई है. मुरादाबाद और आसपास के किसान भी अब सेब की खेती करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. सही किस्मों का चयन, टपक सिंचाई तकनीक और जैविक तरीके अपनाकर किसान कम समय में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं. मार्केट में सेब की डिमांड हमेशा बनी रहती है, जिससे किसानों को इसकी अच्छी कीमत मिलती है. इसके लिए उचित जल निकासी वाली दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है और इसके पौधे करीब 3 से 4 साल में फल देना शुरू कर देते हैं.

सेब की खेती से मिलेगा तगड़ा मुनाफा
कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदीरत्ता के अनुसार अब ऐसी कई उन्नत किस्में विकसित हो चुकी हैं जो मैदानी क्षेत्रों के मौसम में भी आसानी से उगाई जा सकती हैं. इनमें HRMN-99 और अन्ना (Anna) जैसी किस्में प्रमुख हैं. इन किस्मों की खासियत यह है कि ये अधिक तापमान, यहां तक कि 45 से 46 डिग्री सेल्सियस तक के मौसम में भी अच्छी तरह विकसित हो सकती हैं. इन किस्मों की खेती करके किसान बेहतर गुणवत्ता वाले फल प्राप्त कर सकते हैं और बाजार में अच्छी कमाई कर सकते हैं.

पौधों की दूरी का रखें खास ध्यान
सेब के पौधे लगाते समय दूरी का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है. विशेषज्ञों के अनुसार पौधे से पौधे और कतार से कतार की दूरी लगभग 3 मीटर रखनी चाहिए. इस दूरी पर पौधे लगाने से उन्हें पर्याप्त पोषण, धूप और हवा मिलती है, जिससे पौधों की बढ़वार अच्छी होती है और उत्पादन भी बेहतर मिलता है.

तीन साल में मिलने लगती है फसल
सेब के पौधे लगाने के करीब तीसरे साल से ही फल देना शुरू कर देते हैं. एक पेड़ से औसतन 20 से 25 किलो तक सेब प्राप्त हो सकते हैं. यदि किसान बड़े स्तर पर बाग लगाते हैं तो इससे अच्छी पैदावार हासिल कर सकते हैं.

पारंपरिक खेती के साथ कर सकते हैं सेब की खेती
किसान अपनी पारंपरिक खेती के साथ-साथ सेब की खेती भी आसानी से कर सकते हैं. अभी मैदानी क्षेत्रों में बहुत कम किसान इसकी खेती कर रहे हैं, इसलिए यह किसानों के लिए कम प्रतिस्पर्धा वाली और मुनाफे वाली फसल बन सकती है. नई तकनीक और उन्नत किस्मों के साथ सेब की खेती किसानों की आय बढ़ाने का अच्छा विकल्प साबित हो सकती है.

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Madhuri Chaudhary

पिछले 4 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं और फिलहाल News18 में कार्यरत हूं. इससे पहले एक MNC में भी काम कर चुकी हूं. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की बीट कवर करती हूं. खबरों के साथ-साथ मुझे…और पढ़ें



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