यूपी में बिजली कनेक्शन लेना हुआ सस्ता, 2800 में लगेगा स्मार्ट मीटर, 3.5 लाख उपभोक्ताओं को वापस मिलेंगे 116 करोड़, जानें नई दरें
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उत्तर प्रदेश में नया बिजली कनेक्शन लेना अब काफी सस्ता हो गया है. यूपी पावर कॉरपोरेशन ने नई ‘कॉस्ट डाटा बुक’ लागू कर दी है, जिससे ₹6016 में मिलने वाला सिंगल फेज स्मार्ट मीटर अब मात्र ₹2800 में मिलेगा. इससे 1 और 2 किलोवाट के कनेक्शन की लागत ₹6400 से घटकर ₹3198 रह गई है. नियामक आयोग के आदेश के बाद, 3.5 लाख उपभोक्ताओं से वसूली गई अतिरिक्त ₹116 करोड़ की राशि वापस या बिल में समायोजित की जाएगी.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है. यूपी पावर कॉरपोरेशन (UPPCL) ने राज्य में बिजली मीटर की नई दरें लागू कर दी हैं, जिससे अब नया कनेक्शन लेना काफी सस्ता हो गया है. खास बात यह है कि नियामक आयोग के आदेश के बावजूद पिछले कुछ महीनों में उपभोक्ताओं से जो अधिक वसूली की गई थी, अब कॉरपोरेशन को वह 116 करोड़ रुपए वापस करने होंगे.
कनेक्शन की लागत में आई भारी गिरावट
पावर कॉरपोरेशन द्वारा नवीनतम ‘कॉस्ट डाटा बुक’ लागू करने के बाद 1 और 2 किलोवाट के कनेक्शन की लागत में बड़ी कमी आई है. पहले जिस कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं को करीब 6400 रुपए खर्च करने पड़ते थे, अब वही कनेक्शन महज 3198 रुपये में मिल जाएगा. नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं से अब ‘सिक्योरिटी धनराशि’ भी नहीं वसूली जाएगी.
स्मार्ट मीटर के नए रेट्स: ₹6016 के बजाय अब सिर्फ ₹2800
नियामक आयोग ने सिंगल फेज स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कीमत 2800 रुपए तय की है. इससे पहले बिजली कंपनियां इसके लिए 6016 रुपए वसूल रही थीं. इसी तरह, थ्री-फेज स्मार्ट मीटर की लागत अब 4100 रुपए कर दी गई है.
नए शुल्क का विवरण:
सिंगल फेज मीटर: ₹2800 (प्लस ₹398 लाइन चार्ज)
थ्री-फेज मीटर: ₹4100 (प्लस ₹2236 लाइन चार्ज)
केबल चार्ज: उपभोक्ता को अलग से देना होगा.
3.5 लाख उपभोक्ताओं को वापस मिलेंगे 116 करोड़ रुपए
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के अनुसार, 10 सितंबर 2025 से 11 जनवरी 2026 के बीच करीब 3,59,261 नए कनेक्शनों के लिए पुराने महंगे रेट पर एस्टीमेट जमा कराए गए थे. नियामक आयोग ने 31 दिसंबर 2025 को ही नई दरें मंजूर कर दी थीं, लेकिन कॉरपोरेशन 10 जनवरी तक पुराना रेट वसूलता रहा. परिषद की मांग है कि सॉफ्टवेयर में बदलाव कर उपभोक्ताओं से ली गई अतिरिक्त 116 करोड़ रुपए की राशि उनके बिलों में समायोजित (Adjust) की जाए.
अविकसित कॉलोनियों के लिए भी उठेगी मांग
वर्तमान नियमों के अनुसार, 150 किलोवाट और 300 मीटर तक के कनेक्शन के लिए बिना एस्टीमेट के कनेक्शन देने की व्यवस्था है, लेकिन यह केवल पहले से विद्युतीकृत (Electrified) क्षेत्रों में लागू है. उपभोक्ता परिषद अब नियामक आयोग में प्रस्ताव दाखिल करेगी ताकि अविकसित और अविद्युतीकृत कॉलोनियों के निवासियों को भी इस छूट का लाभ मिल सके.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें