ये लाल सब्जी नवंबर में किसानों को बना देगी धन्ना सेठ, बस करना होगा आंख मूंदकर छोटा सा काम
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Beetroot top varieties : इसकी खेती अक्टूबर या नवंबर के महीने के लिए बेस्ट है. औषधीय गुणों के कारण इसकी डिमांड मार्केट में हमेशा और खूब रहती है. इसकी खेती से किसान तगड़ा मुनाफा कमा सकते हैं. एक हेक्टेयर में बुवाई के लिए 14 से 15 किलो के बीज की जरूरत पड़ती है. आइये इसकी खेती का पूरा तरीका जानते हैं.
आजमगढ़. पारंपरिक खेती से इतर कई किसान ऐसी फसलों का चुनाव कर रहे हैं जो कम समय में उन्हें अधिक मुनाफा दे सके. ज्यादातर किसान अनाज उत्पादन के साथ-साथ सब्जियों की खेती में भी लगे हुए हैं. व्यावसायिक रूप से सब्जियों की खेती करने वाले किसानों के लिए कई फसल ऐसी होती हैं जो कम समय में मुनाफा दे सकती हैं. अक्टूबर या नवंबर के महीने में अगर किसान सब्जी की खेती करना चाह रहे हैं तो चुकंदर की खेती व्यावसायिक रूप से बेहद फायदेमंद हो सकती है. अपने औषधीय गुणों के कारण चुकंदर की डिमांड मार्केट में काफी अधिक होती है. इसकी खेती करते हुए किसान तगड़ा मुनाफा कमा सकते हैं.
ऐसी मिट्टी सबसे बेहतर
सामान्य तौर पर चुकंदर की खेती किसी भी सीजन में की जा सकती है, लेकिन इसकी बुवाई के लिए अक्टूबर और नवंबर का महीना सबसे अनुकूल माना जाता है. चुकंदर की खेती के लिए दोमट और बलुई मिट्टी सबसे उपयोगी होती है. कृषि एक्सपर्ट डॉ. अखिलेश बताते हैं कि चुकंदर की बुवाई के लिए सबसे पहले खेत की गहरी जुताई करें. उपयुक्त ढंग से खरपतवार नियंत्रण करके खेतों में गोबर वाली खाद का छिड़काव प्रचुर मात्रा जरूरी है. अधिक पैदावार के लिए चुकंदर के उन्नत किस्म के बीज का चुनाव करें. अक्टूबर और नवंबर के महीने में चुकंदर की बुवाई करने वाले किसानों के लिए अर्ली वंडर, टेट्रा डार्क रेड, एमएसएच 102 किस्में उपयोगी हो सकती हैं. बुवाई करते समय चुकंदर के बीज को 2 सेंटीमीटर की गहराई और 10 सेंटीमीटर की दूरी पर रखें. इससे कंद का विकास अच्छा होता है. नमी वाले खेत में उपज अच्छी मिलती है.
इतने दिनों में तैयार
एक हेक्टेयर में चुकंदर की बुवाई के लिए तकरीबन 14 से 15 किलो के बीज की आवश्यकता होती है. अधिक जल भराव के कारण कंद में सड़न पैदा हो सकती है. सही देखरेख से करीब 60 दिनों में फसल पूरी तरह से तैयार होकर मार्केट में बेची जा सकती है.
Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें
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