योगी आदित्यनाथ मुसलमानों को टारगेट करते हैं? विपक्ष के सवाल का UP सीएम का जवाब
Agency:News18Hindi
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सीएम योगी आदित्यनाथ ने न्यूज18 इंडिया पर इंटरव्यू में कहा कि वह किसी को टारगेट नहीं करते, बल्कि कानून का पालन करते हैं। उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठियों और विकास योजनाओं पर भी चर्चा की।
मुसलमानों को टारगेट करते सीएम योगी? जान लें जवाब.
नई दिल्ली. अपने बेबाक अंदाज के लिए पॉपुलर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमेशा सुर्खियों में बने रहते हैं. कई दफा उनपर आरोप लगा कि वह मुसलमानों के खिलाफ बोलते हैं या फिर उनपर हमला करते हैं. ये सवाल लगातार उनका पीछा करते रहता है. देश में लोकसभा चुनाव हो या राज्यों के विधानसभा की चुनाव उनके बेबाक भाषण से लोग प्रभावित होते हैं. तभी तो उनके भाषण हरियाणा और महाराष्ट्र में जलवा बिखरने में कामयाब रहा. लेकिन क्या वास्तविकता की बात करें तो क्या सीएम के भाषण और एक्शन में मुसलमान टारगेट में रहते हैं? जानना जरूरी है.
न्यूज18 इंडिया पर महाकुंभ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में इन सभी सवालों का बड़ी ही सफाई से जवाब दिया है. नेटवर्क18 के ग्रुप एडिटर राहुल जोशी को दिए इंटरव्यू में उन्होंने सारे सवालों का जवाब दिया है. उन्होंने अपने बेबाक अंदाज में सारे सवालों का जवाब दिया है. तो चलिए जानते हैं क्या सच में देश के बसे पॉपुलर सीएम मुसलमानों को टारगेट करते हैं या फिर राज्य/देश की सभी जनता उनको बराबर प्यारी है.
सवाल– अपोजिशन बार-बार आप पर जरूर एक आरोप लगाता है कि योगी जी मुसलमानों को टारगेट करते हैं. ये बात हम लोग पहले भी कर चुके हैं. मगर इससे पहले आजम खान थे, फिर बर्क़ फैमिली है. पहले बकरी चोर के केस दर्ज होते थे. अभी बिजली के चोरी के केस दर्ज होते हैं, इसको लेकर आपका क्या जवाब है?
जवाब– देखिए हम किसी को टारगेट नहीं करते हैं. उसकी आवश्यकता भी नहीं है, लेकिन जो लोग समाज के सौहार्द को बिगाड़ना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं, अराजकता फैलाने को अपना अधिकार मानते हैं, उनको कानून के दायरे में लाना इस सरकर का नैतिक दायित्व भी है. सरकार अपने कर्तव्य का पालन कर रही है.
सवाल– भारत में लाखों बांग्लादेशी आज मुद्दा है? आपने पहले सवाल खड़ा किया, आपने दिल्ली में भी इस मुद्दे को उठाया है. उनकी वजह से दंगे हो रहे हैं, यहां का आधार कार्ड बनाने से उनको यहां के वेलफेयर स्कीम्स का भी फायदा मिल रहा है तो इसका समस्या का सामाधन क्या देखते हैं.
जवाब– देखिए, जो चीज सुरक्षा के लिए थ्रेट हो. रिलीजियस डेमोग्रेफ़ी को चेंज करने वाला हो, और ये जानते हुए कि यही कारण देश के विभाजन का कारण बना था, हमें उसे समय रहते सतर्क और सावधान होना होगा. दिल्ली का उदाहरण आपके सामने है. दिल्ली में ओखाला औद्योगिक नगरी है. दिल्ली की आम आदमी पार्टी पिछले 10 वर्ष में कोई उद्योग नहीं लगा पाई. न्यू ओखला के रूप में नोएडा है. यह देश का सबसे बड़ा इन्वेस्टमेंट का डेस्टिनेशन बना हुआ है. उन्होंने (AAP) निवेश किया तो बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्या को बसाकर, हमने निवेश किया औद्योगिक इकाईयों को लाकर, मॉडर्न एज टेक्नोलॉजी ला कर, ओखला में डेटा सेंटर बन रहे हैं, रोबॉटिक के सेंटर बन रहे हैं, और भी AI के नए-नए सेंटर स्थापित हो रहे हैं. लाखों नौजवान रोजगार के अवसर वहां से प्राप्त कर रहे हैं.
सीएम योगी ने आगे बताया– उन्होंने बताया कि यूपी और दिल्ली में दोनों राज्यों में यही अंतर है. उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन की सरकार में और दिल्ली के अंदर आम आदमी पार्टी की सरकार में यही अंतर है. वे अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए बांग्लादेशियों को वोटर बना रहे हैं, निवेश को हतोत्साहित कर रहे हैं. रोजगार नहीं उपलब्ध करा पा रहे हैं. डेवलपमेंट की योजनाओं को पूरी तरह से उन्होंने ठप कर दिया है. दूसरी तरफ, उत्तर प्रदेश सरकार है. हमने यूपी को निवेश के सबसे बड़े गंतव्य के रूप में स्थापित करने में सफलता प्राप्त की है. यूपी को देश के सबसे बड़े आध्यात्मिक पर्यटन के हब के रूप में स्थापित करने में सफलता प्राप्त की है. देश के अंदर सबसे अधिक रोजगार देकर के यूपी के युवाओं के हाथों को काम देने में सफलता प्राप्त की है. देश के अंदर इंफ्रास्ट्रक्चर का एक मॉडल यूपी के अंदर हम लोगों ने खड़ा करने में सफलता प्राप्त की है.
Allahabad,Uttar Pradesh
January 26, 2025, 08:33 IST