रिटायर्ड अधिकारी को आया फोन, बोला- सिंह साहब फंस गए आप, फिर बेटे ने पूछा सवाल, खुल गया मामला
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वित्त विभाग से रिटायर्ड अफसर को डिजिटल अरेस्ट कर 90 लाख रुपए की ठगी की गई है. जालसाजों ने 73 वर्षीय रिटायर्ड अफसर अमरजीत सिंह को डिजिटल अरेस्ट कर ठग लिया. बीते 1 दिसंबर से 24 दिसंबर तक ठगों ने अमरजीत को डिजिटल अरेस्ट रखा रहा.
लखनऊः एक तरफ जहां सरकार और पुलिस विभाग लगातार लोगों को साइबर फ्रॉड से बचने के लिए तरह-तरह के जागरुक अभियान चला रही है. वहीं साइबर फ्रॉड करने वाले अलग-अलग तरीके से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं. ताजा मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सामने आया है, जहां एक रिटायर्ड सरकारी अफसर को साइबर फ्रॉड का शिकार बनाते हुए लाखों रुपये ठग लिए.
90 लाख रुपये की हो गई ठगी
वित्त विभाग से रिटायर्ड अफसर को डिजिटल अरेस्ट कर 90 लाख रुपए की ठगी की गई है. जालसाजों ने 73 वर्षीय रिटायर्ड अफसर अमरजीत सिंह को डिजिटल अरेस्ट कर ठग लिया. बीते 1 दिसंबर से 24 दिसंबर तक ठगों ने अमरजीत को डिजिटल अरेस्ट रखा रहा. अमरजीत सिंह कानपुर रोड पर स्थित एलडीए कॉलोनी में रहते हैं.
फोन कर मनी लॉन्ड्रिंग का लगाया आरोप
बीते 1 दिसंबर को अमरजीत के पास जालसाजों ने वीडियो कॉल किया. इस दौरान जालसाज ने ख़ुद को मुंबई साइबर क्राईम सेल का अफसर गिरीश कुमार बताया. ठग ने अमरजीत सिंह के बैंक खाते से मनी लॉन्ड्रिंग की बात कह कर धमकाया. अमरजीत के खिलाफ मुंबई साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज होने की बात कही गई. विरोध पर अमरजीत को जेल भेजने की धमकी देकर व्हाट्सएप पर कोर्ट का वारंट भेजा.
बेटे को हुआ शक तो हो गया खुलासा
घबराए अमरजीत से उनके बैंक खातों और आर्थिक स्रोतों की जानकारी ठगों ने ले ली. इसके बाद धमका कर अमरजीत को डिजिटल अरेस्ट कर लिया. जांच के नाम पर अमरजीत के बैंक खातों से करीब 90 लाख रुपए ठगों ने अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए. 25 दिसंबर की शाम अमरजीत के बेटे अमरप्रीत को शक हुआ. बेटे के पूछने पर मामले का खुलासा हुआ. एफआईआर दर्ज कर 15 लाख रुपए साइबर क्राइम पुलिस ने फ्रीज कराए.
यूपी पुलिस ने शेयर किया एक वीडियो
इस बीच डिजिटल अरेस्ट पर यूपी पुलिस का जागरूकता वीडियो चर्चा में है. वीडियो में नाना पाटेकर ने की है अदाकारी. रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी बने नाना पाटेकर को फंसाते हैं साइबर ठग. लेकिन जागरूक नाना पाटेकर साइबर ठगों को ही ठग लेते हैं. वीडियो के जरिए संदेश दिया गया कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती है. ऐसे कॉल्स तुरंत काटिए और हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं.
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें