लाइनों में नहीं, गड्ढे में ऐसे करें गन्ने की खेती… 4 गुना होगा उत्पादन, एक्सपर्ट ने दिया धांसू आइडिया
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Sugarcane Farming Tips : यूपीसीएसआर के प्रसार अधिकारी डॉ संजीव पाठक ने बताया कि किसान परंपरागत विधि को छोड़कर अगर रिंग पिट विधि से गन्ने की खेती करें तो किसानों को रिकॉर्ड तोड़ उत्पादन मिलेगा. खास बात यह भी है …और पढ़ें
गन्ना
हाइलाइट्स
- रिंग पिट विधि से गन्ने की खेती में 4 गुना उत्पादन संभव.
- इस विधि से गन्ने की फसल मौसम की मार सहने में सक्षम.
- रिंग पिट विधि से प्रति एकड़ 900-1100 क्विंटल उपज मिलती है.
शाहजहांपुर: पिछले कुछ समय में कृषि के क्षेत्र में विविधता देखने को मिल रही है. धान, गेहूं और गन्ने की पारंपरिक फसलों को छोड़कर किसान अन्य फसलें भी उगा रहे हैं, लेकिन गन्ने की फसल को नकदी की फसल माना जाता है. गन्ने की फसल में मौसम की मार को झेलने की ज्यादा क्षमता होती है. भारत में गन्ने का औसत उत्पादन 62 टन प्रति हेक्टेयर माना गया है, लेकिन गन्ने की नई-नई विधियों के ईजाद के बाद वैज्ञानिकों का दावा है कि गन्ने की पैदावार को 3 से 4 गुना तक बढ़ाया जा सकता है. उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद के वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर किसान परंपरागत विधि को छोड़कर रिंग पिट विधि का इस्तेमाल करें तो गन्ने का उत्पादन 3 से 4 गुना हो सकता है.
उत्तर प्रदेश गन्ना शोध संस्थान के प्रसार अधिकारी डॉ. संजीव पाठक ने बताया कि किसान अभी तक परंपरागत विधियों से गन्ने की खेती करते आए हैं, लेकिन रिंग पिट विधि से गन्ने की खेती की जाए, तो किसान ज्यादा मुनाफा ले सकते हैं, जिसमें किसानों को कम समय में अच्छी आमदनी मिल जाती है. हालांकि, रिंग पिट विधि से गन्ने की खेती करना अन्य विधियों के मुकाबले थोड़ा महंगा होता है.
कारगर लेकिन महंगी है ये विधि?
रिंग पिट विधि किसानों को सबसे ज्यादा उत्पादन देने वाली विधि है, लेकिन इस विधि से गन्ने की खेती करना थोड़ा सा महंगा है. अगर किसान के पास रिंग डिगर नहीं है, तो बुवाई के दौरान लेबर खर्च ज्यादा आता है. वहीं इस विधि से खेती करने के लिए परंपरागत विधि के मुकाबले ज्यादा बीज की जरूरत होती है, क्योंकि इस विधि से खेती में बीज तैयार करते समय मातृ पौधे ही लिए जाते हैं. इस विधि से गन्ना उगाकर सहफसली नहीं कर सकते हैं. इस विधि से गन्ने की बंधाई अच्छे से हो जाती है और बारिश के दौरान तेज हवा चलने से गन्ना गिरता नहीं है.
कैसे करें गन्ने की बुवाई?
रिंग पिट से बुवाई करने के लिए किसानों को 90 सेंटीमीटर व्यास का गड्ढा खोदना होता है. गड्ढे की गहराई 30 से 45 सेंटीमीटर रहती है, जबकि गड्ढे से गड्ढे की दूरी केंद्र से करीब 120 सेंटीमीटर रखी जाती है. एक हेक्टेयर में करीब 6750 गड्ढे बनाए जाते हैं. हर गड्ढे में दो या तीन आंख वाले गन्ने रखे जाते हैं. एक गड्ढे में 35 से 40 आंखों की बुवाई की जाती है. इस विधि से गन्ने की बुवाई करने से निकलने वाले ज्यादातर कल्ले गन्ने में तब्दील हो जाते हैं. रिंग पिट विधि से उगाए हुए गन्ने से चीनी ज्यादा मिलता है. इस विधि से 900 से 1100 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से किसान उपज ले सकते हैं.
Shahjahanpur,Uttar Pradesh
March 08, 2025, 11:28 IST