संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क और तौकीर रजा ने कैसे बिजली विभाग को लगाया चूना

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संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क और तौकीर रजा ने कैसे बिजली विभाग को लगाया चूना


संभल/बरेली. पिछले साल संभल में हुई हिंसा के बाद समाजवादी पार्टी के संसद के साथ ही बड़े पैमाने पर बिजली चोरी के मामले सामने आए थे. अब बरेली बवाल के बाद मौलाना तौकीर रजा के करीबी भी बड़े पैमाने पर सरकार को चूना लगाते पकडे गए हैं. संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर 1.91 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया था. जबकि बरेली में इत्तेहाद मिल्लत काउंसिल (IMC) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा के पांच करीबियों पर कुल 1.26 करोड़ रुपये का बिल बकाया है. अब प्रशासन ने सभी को रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किया है.
बता दें कि 24 नवंबर 2024 को बरेली हिंसा के बाद जांच में बड़े पैमाने पर कटिया कनेक्शन और बिजली चोरी का मामला सामने आया था. खुद दीपा सराय स्थित सांसद जियाउर्रहमान बर्क के आवास पर पिछले साल दिसंबर में बिजली विभाग की छापेमारी में मीटरों में छेड़छाड़ का मामला सामने आया था. जांच में पता चला कि 16 किलोवाट से अधिक लोड की खपत होने के बावजूद मीटर रीडिंग शून्य थी. विभाग ने एमआरआई रिपोर्ट के आधार पर चोरी का राजस्व निर्धारित कर 1 करोड़ 91 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया. इसके साथ ही एफआईआर भी दर्ज की गई और बिजली कनेक्शन काट दिया गया.

तौकीर रजा के करीबियों पर 1.26 करोड़ की मार

दूसरी ओर, बरेली के बानखाना रजा चौक में हालिया छापेमारी ने मौलाना तौकीर रजा के समर्थकों को फंसा दिया. वक्फ बोर्ड की जमीन पर अतिक्रमण कर चलाए जा रहे ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशनों पर मीटर बाइपास कर चोरी की बिजली से बड़ा कारोबार फल-फूल रहा था. मुख्य अभियंता (शहरी) ज्ञान प्रकाश ने पांच प्रमुख आरोपियों-वसीम खान, मोनिस खान, बरखान रजा, अमान रजा और गुलाम नबी-के खिलाफ ब्रेकडाउन के साथ 1 करोड़ 26 लाख 50 हजार 787 रुपये की आरसी जारी की.

आरोपियों के नाम

वसीम खान-15,39,046 रुपए, मोनिस खान- 22,29,709 रुपए, बरखान रजा- 37,32,339 रुपए, अमान रजा- 26,92,628 रुपए, गुलाम नबी- 26,57,065 रुपए।  कुल1,26,50,787 रुपए.

ऐसे कर रहे थे चोरी

ये सभी आरोपी IMC से जुड़े बताए जाते हैं और रोजाना 70-80 ई-रिक्शा चार्ज करने का धंधा चला रहे थे. छापेमारी में पांच स्टेशन पकड़े गए, जहां तारों से डायरेक्ट कनेक्शन लिया गया था. मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने जिला मजिस्ट्रेट को पत्र लिखकर वसूली के लिए तत्काल निर्देश मांगे हैं. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “यह संगठित चोरी का मामला है, जो ग्रिड पर दबाव डालकर ईमानदार उपभोक्ताओं के बिल बढ़ा रही थी. बरेली में चोरी की दर 20% से अधिक है, और ऐसी कार्रवाइयों से सालाना 100 करोड़ का राजस्व बच सकता है.”

बिजली चोरी पर नकेल, राजनीति में हलचल

उत्तर प्रदेश में बिजली चोरी से विभाग को सालाना 5,000 करोड़ का नुकसान होता है, और योगी सरकार की मुहिम ने पिछले साल 500 करोड़ की वसूली की. स्मार्ट मीटर लगाने से चोरी 10% घटी है, लेकिन अवैध स्टेशन जैसे कारोबार चुनौती बने हुए हैं. कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि आरसी जारी होने के बाद संपत्ति कुर्की और कानूनी कार्रवाई अपरिहार्य है.



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