सरकार दे रही शानदार मौका! बस खेतों की मेड पर लगाएं ये पौधे और हो जाएं मालामाल
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रेशम विभाग ने रेशम उत्पादन बढ़ाने के लिए सिल्क समग्र-2 योजना शुरू की है. इसमें किसानों को शहतूत के पौधे, प्रशिक्षण और सब्सिडी दी जाती है. आवेदन ऑनलाइन किया जा सकता है.
शहतूत के पेड़.
हाइलाइट्स
- रेशम विभाग ने सिल्क समग्र-2 योजना शुरू की है.
- किसानों को शहतूत के पौधे, प्रशिक्षण और सब्सिडी दी जाती है.
- योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है.
बस्ती: भारत में रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए रेशम विभाग ने कई योजनाएं शुरू की हैं. इनमें सिल्क समग्र-2 एक महत्वपूर्ण योजना है. सहायक निदेशक, रेशम (बस्ती) नितेश सिंह ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि इस योजना का उद्देश्य किसानों को रेशम उत्पादन से जोड़कर उन्हें जरूरी सुविधाएं प्रदान करना है. योजना के तहत किसानों को शहतूत के पौधे लगाने की सुविधा दी जाती है, जिससे वे रेशम उत्पादन कर आर्थिक लाभ कमा सकें. इस योजना में रेशम विभाग द्वारा कुल छह तरह की सब्सिडी दी जाती है.
इस योजना के तहत किसानों को शहतूत के पेड़ लगाने पर सरकार सब्सिडी देती है. योजना में शामिल होने के लिए किसानों के पास कम से कम आधा एकड़ कृषि भूमि होनी चाहिए, जहां वे यह शहतूत के पौधे लगा सकें.
छह तरह की मिलती है सब्सिडी
इस योजना में कुल छह तरह की सब्सिडी दी जाती है. इसमें प्रशिक्षण, पौधारोपण, सिंचाई सुविधा, कीट पालन गृह निर्माण, कीट पालन उपकरण और विशुद्धीकरण शामिल हैं. पहले साल में प्रशिक्षण, पौधारोपण और सिंचाई की सुविधा पर सब्सिडी दी जाती है, जबकि दूसरे साल में कीट पालन गृह निर्माण, कीट पालन उपकरण और विशुद्धीकरण के लिए सब्सिडी दी जाती है.
अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण
किसानों को रेशम पालन का अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण भी दिया जाता है, जो मैसूर या पश्चिम बंगाल में आयोजित होता है. इससे किसान बेहतर तकनीकों के साथ रेशम उत्पादन कर अधिक मुनाफा कमा सकते हैं.
ऐसे उठाए सब्सिडी का लाभ
पौधारोपण के बाद अधिकारी यह जांचते हैं कि पौधे जीवित हैं या नहीं. यदि पौधे स्वस्थ हैं, तो किसानों को 5,175 रुपये की दो किस्तों में सब्सिडी दी जाती है. इसके अलावा, कीट पालन गृह निर्माण के लिए 55,500 रुपये की दो किस्तों में और 27,000 रुपये की एक अतिरिक्त किस्त दी जाती है. साथ ही, सिंचाई सुविधा और कीट पालन उपकरण भी दिए जाते हैं.
कैसे करें अतिरिक्त कमाई?
सहायक निदेशक नितेश सिंह ने बताया कि, आधे एकड़ में लगभग 600 शहतूत के पौधे लगाए जा सकते हैं. पौधे से पौधे की दूरी 6×6 फीट होनी चाहिए. यदि किसान के पास ज्यादा जमीन है, तो वह खेतों की मेड़ (किनारे) पर भी पौधे लगा सकता है. किसान चाहें तो दो एकड़ तक शहतूत के पौधे लगा सकते हैं, लेकिन 600 पौधे लगाना जरूरी है. यदि किसान छह एकड़ में शहतूत के पौधे लगाते हैं, तो उनके बीच मौसमी सब्जियों की खेती कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकते हैं.
कैसे करें आवेदन?
इस योजना का लाभ पाने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा. इसके लिए उनके पास आधार कार्ड, बैंक पासबुक और खेती से संबंधित दस्तावेज़ होना जरूरी है. आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के जरिए की जाती है. इसके अलावा ज्यादा जानकारी के लिए किसान अपने नजदीकी रेशम विभाग कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं.
Basti,Uttar Pradesh
March 16, 2025, 22:06 IST