सरसों में लगे कीट से कैसे बचायें अपनी फसल को?

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सरसों में लगे कीट से कैसे बचायें अपनी फसल को?


Agency:Local18

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किसानों को रबी की फसलों की देखभाल के लिए कीटनाशक का छिड़काव करना चाहिए. सरसों में लाही कीट से बचाव के लिए क्लोरोपाईरीफास या इमिडा क्लोरोप्रिड का उपयोग करें.

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सरसो की खेती में करें यह काम, नहीं तो हो जाएगा बड़ा नुकसान

हाइलाइट्स

  • सरसों में लाही कीट से बचाव के लिए कीटनाशक का छिड़काव करें.
  • क्लोरोपाईरीफास या इमिडा क्लोरोप्रिड का उपयोग करें.
  • प्रति एकड़ 140 से 160 लीटर घोल का छिड़काव करें.

सोनभद्र: रबी की फसलें अब पकने लगी हैं। किसान भाइयों को चाहिए कि वे मौसम का ध्यान रखते हुए अपनी फसलों की देखभाल करें। सरसों, गेहूं, जौ, चना, मटर जैसी फसलों को नवंबर से फरवरी के बीच खास देखभाल की ज़रूरत होती है। इस समय कीटों से फसलों को बचाने के लिए कीटनाशक का इस्तेमाल भी ज़रूरी है।

कीटनाशक का छिड़काव करें
जिला कृषि अधिकारी डॉक्टर हरि कृष्ण मिश्रा ने बताया कि सरसों में फूल और दाने लगने लगे हैं। इस समय लाही कीट का खतरा बढ़ जाता है। यह कीट फूलों और तनों को खाकर फसल बर्बाद कर सकता है। इसलिए किसानों को चाहिए कि वे सरसों में फूल आते ही कीटनाशक का छिड़काव करें।

कैसे करें कीटों से बचाव
उपकृषि निदेशक डा. एसपी श्रीवास्तव के अनुसार, लाही कीट से बचाव के लिए किसान 12 ml क्लोरोपाईरीफास या मोनोक्रोटोफास 500 से 600 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर छिड़काव कर सकते हैं। इसके अलावा, 17.8 इमिडा क्लोरोप्रिड का छिड़काव भी फायदेमंद होता है। यह 1 से 1.5 ml प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़कना चाहिए। ध्यान रहे कि प्रति एकड़ 140 से 160 लीटर घोल का छिड़काव करना ज़रूरी है। अगर किसान भाई समय पर कीटों से बचाव के उपाय करेंगे, तो सरसों की अच्छी पैदावार पा सकेंगे।

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