साइबर ठगी और हैरेसमेंट पर पीलीभीत पुलिस सख्त, जारी किया नया हेल्पलाइन नंबर
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पीलीभीत सहायक पुलिस अधीक्षक नताशा गोयल ने बताया कि मिशन शक्ति के तहत लगातार महिलाओं और स्कूली छात्राओं को पुलिस के कामकाजों की जानकारी दी जा रही है. वहीं छात्राओं को साइबर अपराधों को लेकर जागरूक किया जा रहा है. अगर किसी से भी इंटरनेट पर किसी प्रकार की अभद्रता होती है तो सबसे पहले पुलिस को पूरे मामले की सूचना दें.
पीलीभीत. इंटरनेट ने एक तरफ़ लोगों के जीवन में तमाम सहूलियतें दी है तो दूसरी ओर यही इंटरनेट कई लोगों के लिए आफ़त का सबब बन जाता है. ऑनलाइन फ्रॉड से लेकर हैरेसमेंट के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. इसको देखते हुए पीलीभीत पुलिस ने साइबर हेल्पलाइन नंबर के साथ ही साथ स्थानीय स्तर पर भी एक नम्बर जारी किया है.
दरअसल लगातार अपडेट हो रही टेक्नोलॉजी के साथ ही साथ साइबर ठग भी लोगों को चूना लगाने के नए नए तरीक़े खोज रहे है.इसके साथ ही साथ इंटरनेट पर साइबर हैरेसमेंट की घटनाएं भी आम होती जा रही हैं. लगातार बढ़ रही इन घटनाओं को देखते हुए उत्तरप्रदेश पुलिस ने मिशन शक्ति 5.0 अभियान में महिलाओं और बालिकाओं को अन्य जागरूकता के साथ ही साथ साइबर क्राइम से बचाव समेत तमाम जानकारियां दी जा रही हैं. पीलीभीत जिले में बीते दिनों जिला जेल कर्मचारी से की गई 57 लाख रुपए की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया था. वहीं हनीट्रैप के तमाम मामले ऐसे हैं जो पुलिस तक पहुंचते ही नहीं है. इन्हीं सब मामलों को देखते हुए पीलीभीत पुलिस ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1030 के साथ ही साथ स्थानीय स्तर पर 7830182626 भी हेल्पलाइन नंबर के तौर पर जारी किया गया है.
हैरेसमेंट के मामलों में सबसे पहले करें ये काम
पीलीभीत सहायक पुलिस अधीक्षक नताशा गोयल ने बताया कि मिशन शक्ति के तहत लगातार महिलाओं और स्कूली छात्राओं को पुलिस के कामकाजों की जानकारी दी जा रही है. वहीं छात्राओं को साइबर अपराधों को लेकर जागरूक किया जा रहा है. अगर किसी से भी इंटरनेट पर किसी प्रकार की अभद्रता होती है तो सबसे पहले पुलिस को पूरे मामले की सूचना दें. इसके साथ ही साथ उन सभी साक्ष्यों को एकत्र कर जांच अधिकारी को सौंपे. वहीं इंटरनेट के इस्तेमाल के दौरान सुरक्षा का ध्यान रखें.