सावधान! छोटी सी यह लापरवाही बना सकती है सर्वाइकल कैंसर का शिकार, डॉक्टर से जानिए बचाव के उपाय
छोटी-छोटी लापरवाहियां कई बार बड़ी बीमारियों का रूप ले लेती हैं. ऐसी ही एक गंभीर बीमारी है सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer), जो आज महिलाओं के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बचपन से ही इसके प्रति जागरूकता और सावधानी बरती जाए, तो इस बीमारी से पूरी तरह बचाव संभव है. लोकल 18 से बातचीत में सुप्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमंत कुमार गुप्ता ने महिलाओं में बढ़ते सर्वाइकल कैंसर के मामलों पर चिंता जताते हुए जागरूकता बढ़ाने की अपील की. उन्होंने कहा कि इस बीमारी से सुरक्षा की शुरुआत बचपन से ही की जानी चाहिए.
डॉ. गुप्ता ने बताया कि 9 से 14 वर्ष की आयु की बच्चियों को एचपीवी वैक्सीन (HPV Vaccine) अवश्य लगवानी चाहिए. यह टीका भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षा प्रदान करता है. उन्होंने बताया कि यह वैक्सीन गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) में होने वाले एचपीवी वायरस (Human Papilloma Virus) के संक्रमण से बचाती है, जो आगे चलकर कैंसर का कारण बन सकता है.
समय पर जांच से पूरी तरह संभव है बचाव
डॉ. गुप्ता के अनुसार, सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में तेजी से फैलने वाली बीमारियों में से एक है, लेकिन समय पर जांच और टीकाकरण से इससे पूरी तरह बचाव किया जा सकता है. उन्होंने सलाह दी कि महिलाओं को हर तीन साल में एक बार पैप स्मीयर (Pap Smear Test) और एचपीवी टेस्ट अवश्य कराना चाहिए, ताकि गर्भाशय ग्रीवा में किसी भी असामान्य बदलाव का समय रहते पता चल सके.
शुरुआती चरण में लक्षण नहीं दिखते
डॉ. गुप्ता ने बताया कि इस बीमारी के शुरुआती चरण में अक्सर कोई लक्षण नहीं दिखते. इसलिए नियमित जांच बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि अगर महिलाओं को अनियमित रक्तस्राव, संभोग के बाद दर्द, या डिस्चार्ज में बदलाव जैसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
जागरूकता ही सुरक्षा की कुंजी
डॉ. गुप्ता ने कहा, “बच्चों की सुरक्षा बचपन से ही शुरू होती है. अगर हम समय पर अपनी बेटियों को एचपीवी वैक्सीन लगवाते हैं, तो हम उन्हें भविष्य की एक गंभीर बीमारी से सुरक्षित रख सकते हैं. यह केवल एक टीका नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी की सुरक्षा की ढाल है. उन्होंने सभी माताओं और महिलाओं से अपील की कि वे अपने स्वास्थ्य को लेकर सजग रहें और नियमित जांच करवाएं, क्योंकि लापरवाही कई बार बड़ी बीमारियों को जन्म देती है.
सरकारी अभियान और समाज की जिम्मेदारी
अंत में डॉ. गुप्ता ने बताया कि सरकार द्वारा एचपीवी टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए कई अभियान चलाए जा रहे हैं. उन्होंने लोगों से इन अभियानों का हिस्सा बनने की अपील की, ताकि समाज में कैंसर मुक्त महिला स्वास्थ्य का लक्ष्य हासिल किया जा सके. डॉ. गुप्ता ने कहा कि सही जानकारी, समय पर टीकाकरण और नियमित जांच यही सर्वाइकल कैंसर से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है. महिलाओं का स्वास्थ्य ही एक सशक्त समाज की नींव है.