सावधान! दिवाली पर सेहत न खराब कर दे मिलावटी मिठाई-पनीर, ऐसे करें असली-नकली की पहचान, आसान है तरीका

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सावधान! दिवाली पर सेहत न खराब कर दे मिलावटी मिठाई-पनीर, ऐसे करें असली-नकली की पहचान, आसान है तरीका


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Tips To Identify Adulterated Sweets: दीपावली भैया दूज और छठ पर्व पर गाजियाबाद में मिठाई खोया पनीर की मांग बढ़ी है. खाद्य सुरक्षा विभाग अरविंद यादव के नेतृत्व में मिलावट रोकने के लिए विशेष टीमें जांच कर रही हैं.

दीपावली- भैया दूज और छठ पर्व की रौनक बाजारों में दिखने लगी है. मिठाई की दुकानों पर भीड़ बढ़ी है. खोया और पनीर की मांग चरम पर है, लेकिन इस बढ़ती मांग के साथ ही खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी का खतरा भी बढ़ गया है. शहर के बाजारों में मिठाइयों की मिठास कहीं सेहत पर भारी न पड़ जाए, इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग सतर्क हो गया है. विभाग ने निगरानी तेज करते हुए विशेष टीमें गठित की हैं, जो बाजारों में बिक रहे खाद्य पदार्थों की जांच करेंगी. साथ ही उपभोक्ताओं से भी अपील की गई है कि अगर किसी वस्तु में मिलावट का संदेह हो तो तुरंत विभाग को सूचना दें. त्योहारों के बीच अब सिर्फ मिठाई की चमक ही नहीं बल्कि उसकी शुद्धता भी चर्चा का विषय बन गई है.

खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरविंद यादव ने बताया कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट की संभावना सबसे अधिक रहती है. इस बार विभाग ने विशेष सतर्कता बरतते हुए गाजियाबाद में पांच निरीक्षण टीमें गठित की हैं, जो अलग-अलग इलाकों के बाजारों में जाकर दूध, खोया, पनीर और मिठाई जैसे उत्पादों की गुणवत्ता की जांच कर रही हैं. विभाग की टीमों ने पहले ही कई दुकानों से सैंपल लेकर जांच शुरू कर दी है. अधिकारी ने बताया कि अगर किसी व्यक्ति को किसी भी प्रकार की मिलावट की शंका हो तो वह तुरंत टोल फ्री नंबर 1800-180-5533 पर शिकायत दर्ज करा सकता है.

अरविंद यादव ने बताया कि आम लोग भी थोड़ी सावधानी बरतकर बाजार में मिलने वाली चीजों की शुद्धता खुद परख सकते हैं. उन्होंने कहा कि असली और नकली खोया पहचानने के लिए बस आयोडीन की कुछ बूंदें डालकर देख लें. अगर रंग नीला या काला पड़ जाए तो समझिए खोया मिलावटी है. इसी तरह दूध की जांच भी आसान है. बस एक साफ, तिरछी सतह पर दूध की बूंद गिराएं. अगर वह धीरे-धीरे बहकर सफेद निशान छोड़ता है तो दूध शुद्ध है, लेकिन अगर वह तुरंत बह जाए और कोई निशान न छोड़े तो उसमें पानी की मिलावट है.
उन्होंने बताया कि मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाली चांदी की वर्क में भी बड़े पैमाने पर मिलावट की शिकायतें मिल रही हैं. कई जगहों पर असली चांदी की जगह एल्युमिनियम की वर्क का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसे पहचानने के लिए वर्क को त्वचा पर हल्के से रगड़ें असली चांदी की वर्क गायब हो जाएगी और हाथ पर नहीं चिपकेगी, जबकि एल्युमिनियम की वर्क हाथ पर चिपककर एक छोटी सी गेंद बन जाएगी.
खाद्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे त्योहारों की खरीदारी में पैकेट बंद सामान को प्राथमिकता दें और मैन्युफैक्चरिंग व एक्सपायरी डेट जरूर जांचें. अरविंद यादव ने कहा कि त्योहार की खुशियां मनाएं, लेकिन सावधानी बरतें. मिलावट से बचना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है.

Lalit Bhatt

पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में नई दुनिया अखबार से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों …और पढ़ें

पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में नई दुनिया अखबार से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों … और पढ़ें

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