सिर्फ 1-2 महीने में मालामाल! किसान भाई जनवरी में इन 3 सब्जियों की अगेती बुवाई देगी रिकॉर्ड तोड़ कमाई
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Pre- Season Vegetable Cultivation: जनवरी की कड़ाके की ठंड किसानों के लिए सिर्फ परेशानी नहीं, बल्कि कम समय में ज्यादा कमाई का मौका भी बन सकती है. अगर सही तकनीक और सही समय पर अगेती सब्जियों की बुवाई की जाए, तो बाजार में सबसे पहले फसल पहुंचाकर किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि यह वक्त अगेती खेती के लिए बेहद अहम है.
शाहजहांपुर: किसानों के लिए जनवरी की यह कड़ाके की ठंड केवल चुनौती नहीं, बल्कि ‘मालामाल’ होने का एक सुनहरा अवसर भी लेकर आई है. जहां एक ओर पारंपरिक खेती में बारिश की बेरुखी से चिंता है, वहीं दूसरी ओर अगेती सब्जियों की बुवाई मुनाफे की नई राह खोल रही है. यदि किसान इस समय वैज्ञानिक तकनीक से सब्जियों की अगेती बुवाई करते हैं, तो उनकी फसल बाजार में उस समय पहुंचेगी. जब मांग चरम पर और आपूर्ति बेहद कम होगी. तकनीक और सही समय से किसान दोगुना मुनाफा ले सकते हैं.
जिला उद्यान अधिकारी डॉ पुनीत कुमार पाठक ने बताया कि जनवरी के महीने में तापमान कम होने के कारण बीजों के अंकुरण में समस्या आ सकती है. ऐसे में किसान भाई ‘लो-टनल’ तकनीक या पॉलीथिन की थैलियों में कद्दू वर्गीय अगेती फसल के लिए पौध तैयार करें. अगेती फसलों के लिए जल निकासी वाली उपजाऊ मिट्टी और संतुलित उर्वरक प्रबंधन बहुत जरूरी है. पाले से बचाव के लिए नर्सरी को ढककर रखें और शाम के समय हल्की सिंचाई करें. यदि किसान सही समय पर उन्नत किस्मों का चुनाव कर बुवाई करते हैं, तो वे न केवल लागत बचाएंगे बल्कि बाजार के ‘शुरुआती बोनस’ का लाभ उठाकर आर्थिक रूप से समृद्ध होंगे.
सब्जियों की अगेती खेती से कमाएं मुनाफा
किसान भिंडी की अगेती बुवाई जनवरी अंत तक करें. यह 45-50 दिनों में तैयार हो जाती है. शुरुआती बाजार भाव 70-90 रुपए प्रति किलो मिलने से प्रति एकड़ लाखों की कमाई संभव है. इसके अलावा किसान अभी लौकी की पौध पॉलीबैग में तैयार करें. इसमें 55 दिनों में फल आने लगते हैं. सीजन की पहली लौकी 30-40 रुपए प्रति नग तक बिकती है. वहीं करेला 60-65 दिनों में तैयार होने वाली यह फसल है जिस्मकी गर्मियों में सबसे अधिक मांग में रहती है.
अगेती खेती से लाखों तक कमाई संभव
अगेती खेती से 1.5 से 2 लाख प्रति एकड़ मुनाफा मिल सकता है. तोरई की फसल 50 दिनों में तैयार होती है. कम लागत और अधिक उत्पादन के कारण छोटे किसानों के लिए यह ‘कैश क्रॉप’ साबित होती है. खीरा की मांग गर्मियों में बहुत होती है. अगेती खीरा 45 दिनों में बिक्री के लिए तैयार हो जाता है. मार्च की शुरुआत में इसकी भारी मांग किसानों को मालामाल कर देती है.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें