सुल्तानपुर के गांवों की बदलने वाली है तस्वीर, अब शहर जैसी सुविधाओं से बनेंगे स्मार्ट विलेज

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सुल्तानपुर के गांवों की बदलने वाली है तस्वीर, अब शहर जैसी सुविधाओं से बनेंगे स्मार्ट विलेज


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सुल्तानपुर जिले में गांवों को स्मार्ट बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है, जिसके तहत हर गांव में शहर जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी. पंचायती राज विभाग द्वारा स्मार्ट रीडिंग रूम, लाइब्रेरी, आधुनिक पंचायत भवन, सोलर लाइट, पार्क, कूड़ा प्रबंधन और इंटरलॉकिंग सड़कों जैसी सुविधाओं पर काम शुरू हो चुका है.

महात्मा गांधी ने कहा था कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है. अगर गांव खूबसूरत, स्मार्ट और विकसित रहेंगे तो पूरा देश आगे बढ़ेगा. इसी सोच के साथ सुल्तानपुर का जिला प्रशासन गांवों को स्मार्ट बनाने की तैयारी में जुट गया है. इसके तहत पंचायती राज विभाग द्वारा गांवों में स्मार्ट रीडिंग रूम, बेहतरीन लाइब्रेरी, आधुनिक पंचायत भवन, आरआरसी सेंटर, सीएससी समेत कई आधुनिक ढांचे विकसित किए जाएंगे, जिससे गांवों की दशा और दिशा दोनों बदलेंगी. इससे न सिर्फ गांव विकसित होंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार भी मिलेगा. आइए जानते हैं कि गांवों को स्मार्ट बनाने की तैयारी कैसे की जा रही है.

गांव में की जाएंगी ये सुविधाएं

जिला पंचायत राज अधिकारी अभिषेक शुक्ला ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि शासन स्तर से सुल्तानपुर जिले के प्रत्येक गांव को शहर जैसी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी. इसके तहत हर गांव में विद्यालय, स्वास्थ्य उपकेंद्र, पार्क, अमृत सरोवर, कूड़ा प्रबंधन और शौचालय विकसित किए जाएंगे. सोलर लाइट के साथ गांव की गलियों को भी चौड़ा किया जाएगा. इसके लिए पंचायती राज निदेशालय ने कार्य योजना तैयार कर ली है, जिसे समयबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा.

शुरू किया गया काम

अभिषेक शुक्ला ने आगे बताया कि पंचायती राज निदेशालय के निर्देशानुसार इन सुविधाओं को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. कई गांवों में इंटरलॉकिंग का काम चल रहा है और कच्चे कार्य पहले ही पूरे किए जा रहे हैं. जिले के अधिकांश गांवों में आरआरसी केंद्र यानी कूड़ा प्रबंधन इकाइयों का काम लगभग पूरा हो चुका है और अब यह अंतिम चरण में है.

मॉडल बनने पर बदलेगी तस्वीर

शहर जैसे मोहल्लों के विकास और सुविधाओं के लिए विभाग ने एक मॉडल तैयार किया है. कार्यालय में तैयार इस मॉडल को जिले के सभी ग्राम प्रधानों और ग्राम पंचायत सचिवों को दिखाया जा रहा है. इस मॉडल में दो स्थानों पर पार्क निर्माण, हर घर के पास शौचालय, सभी घरों तक इंटरलॉकिंग सड़क, सोलर स्ट्रीट लाइट, आंगनबाड़ी केंद्र और सामूहिक प्रसाधन जैसी सुविधाएं शामिल की गई हैं. इससे गांवों की तस्वीर पूरी तरह बदलने की उम्मीद है.

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Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें



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