सुल्तानपुर: पूर्व विधायक से प्रॉपर्टी के नाम पर 57 लाख की धोखाधड़ी, केस दर्ज
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Sultanpur News: सुल्तानपुर के पूर्व विधायक और सपा नेता अनिल कुमार पांडेय से लखनऊ में मकान दिलाने के नाम पर 57 लाख रुपये की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. जालसाज अरविंद कुमार मिश्र ने खुद को प्रॉपर्टी डीलर बताकर सीतापुर रोड पर घर दिखाया और एडवांस ले लिया. धोखाधड़ी का पता चलने पर आरोपी ने 27 लाख लौटाए, लेकिन बाकी रकम देने से मुकर गया. पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
सपा के पूर्व विधायक अनिल पांडेय से 57 लाख की ठगी
Sultanpur News: उत्तर प्रदेश में जालसाजों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे माननीयों को भी अपना निशाना बनाने से नहीं चूक रहे हैं. ताज़ा मामला सुल्तानपुर का है, जहां समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक अनिल कुमार पांडेय के साथ 57 लाख रुपये की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. लखनऊ में एक आशियाना खरीदने की चाहत में पूर्व विधायक को लाखों की चपत लग गई. पुलिस ने तहरीर मिलने के बाद केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है.
ऐसे बिछाया गया ठगी का जाल
जानकारी के अनुसार, पूर्व विधायक अनिल कुमार पांडेय लखनऊ में रहने के लिए एक मकान की तलाश में थे. इसी दौरान उनके गांव के ही एक व्यक्ति, वरुण कुमार मिश्र ने उनकी मुलाकात अरविंद कुमार मिश्र नाम के शख्स से करवाई. अरविंद खुद को प्रॉपर्टी डीलिंग का जानकार बताता था. उसने पूर्व विधायक को लखनऊ के सीतापुर रोड स्थित त्रिवेणी नगर-2 (आलोक नगर) में एक शानदार मकान दिखाया. मकान पसंद आने के बाद सौदा 60 लाख रुपये में तय हुआ.
किश्तों में दिए 57 लाख रुपये, फिर शुरू हुआ टालमटोल
शर्तों के मुताबिक, 57 लाख रुपये बयाना के तौर पर देने थे और बाकी के 3 लाख रुपये रजिस्ट्री के वक्त चुकाने थे. पूर्व विधायक ने अरविंद की बातों पर भरोसा करते हुए सितंबर 2022 से मार्च 2023 के बीच अरविंद कुमार मिश्र और उसकी कंपनी ‘यूवी कैंप’ के बैंक खातों में कुल 57 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए. लेकिन जैसे ही पूरी रकम पहुंच गई, आरोपी के सुर बदल गए. जब भी विधायक जी रजिस्ट्री की बात करते, अरविंद कोई न कोई बहाना बनाकर बात टाल देता.
जब खुला राज: खुद के मकान को बताया दूसरे का
काफी समय बीतने के बाद जब रजिस्ट्री नहीं हुई, तो अनिल पांडेय खुद उस मकान पर जा पहुंचे. वहां जाकर जो सच्चाई सामने आई, उसने उनके होश उड़ा दिए. मकान में अरविंद के बहनोई रह रहे थे, जिन्होंने बताया कि यह मकान उनका अपना है और अरविंद का इससे कोई लेना-देना नहीं है. ठगी का अहसास होते ही पूर्व विधायक ने अरविंद पर दबाव बनाया. शुरुआत में आरोपी ने पैसे लौटाने का वादा किया और किश्तों में करीब 27 लाख रुपये वापस भी किए, लेकिन बाकी के 30 लाख रुपये डकार गया.
नंबर ब्लैकलिस्ट किया, अब पुलिस की शरण में विधायक
हैरानी की बात यह है कि बकाया रकम मांगने पर आरोपी ने न केवल पैसे देने से मना कर दिया, बल्कि पूर्व विधायक का नंबर भी ब्लैकलिस्ट में डाल दिया. हार मानकर पूर्व विधायक ने कानून का दरवाजा खटखटाया है. इस मामले में कोतवाल ने बताया कि पूर्व विधायक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस बैंक ट्रांजेक्शन और आरोपी के पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जा सके.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें