सैकड़ों साल की जल समस्या का समाधान बना हर घर नल से जल अभियान, पूरे बुंदेलखंड तक पहुंचा शुद्ध पेयजल का सपना
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Jhansi Latest News : बुंदेलखंड, जो दशकों तक पेयजल संकट का प्रतीक रहा, अब धीरे-धीरे इस अभिशाप से मुक्त होता नजर आ रहा है. वर्ष 2019 में शुरू हुए जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल महापरियोजना ने सूखे और प्यास से जूझते गांवों को नई उम्मीद दी है. झांसी जिले के गांव इस महापरियोजना के केंद्र बने हैं, जहां शुद्ध और सुरक्षित पेयजल घर-घर पहुंचाया जा रहा है.
झांसी: बुंदेलखंड क्षेत्र में पानी की समस्या सदियों पुरानी रही है. यहां के लोगों ने बूंद-बूंद पानी के लिए लंबा संघर्ष किया. इसी गंभीर समस्या को दूर करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में जल जीवन मिशन की शुरुआत की. इस योजना का लक्ष्य था कि बुंदेलखंड के अंतिम गांव तक भी नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए. हजारों करोड़ रुपये की लागत से शुरू की गई इस महापरियोजना ने झांसी जिले को खास पहचान दिलाई.
झांसी के गांव बने महापरियोजना का केंद्र
इस विशाल योजना का केंद्र झांसी जिले का एक छोटा सा गांव बना. जिले की कई तहसीलों में वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाए गए ताकि नलों के जरिए घरों तक साफ पानी पहुंचाया जा सके. यहां बांधों और नदियों के पानी को शुद्ध कर पीने योग्य बनाया जा रहा है. इस परियोजना ने ग्रामीण इलाकों में रहने वाले हजारों परिवारों की जिंदगी आसान बना दी है.
बांधों से सैकड़ों किलोमीटर लंबी पाइपलाइन
माता टीला बाँध और पारीछा बाँध से पानी सैकड़ों किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए इंटेकवेल तक लाया जाता है. इसके बाद इस पानी को वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में पहुंचाया जाता है. प्रतिदिन लगभग 10 एमएलडी पानी यहां ट्रीट किया जाता है. शुद्धिकरण के बाद यह पानी गांवों और कस्बों के घरों तक नलों के माध्यम से सप्लाई किया जाता है.
जल गुणवत्ता प्रयोगशाला में होता है शुद्धिकरण
हर गांव में बनी जल गुणवत्ता प्रयोगशाला इस पूरी प्रक्रिया का अहम हिस्सा है. यहां प्रदूषित पानी को अलग-अलग चरणों से गुजरना पड़ता है. पानी के नमूने लेकर रासायनिक और जैविक परीक्षण किए जाते हैं. इसमें मौजूद बैक्टीरिया को हटाया जाता है और घुलित ठोस पदार्थों की मात्रा को मापा जाता है, ताकि पानी पूरी तरह सुरक्षित हो सके.
प्रयोगशाला में दिखाया गया शुद्धिकरण का तरीका
लोकल 18 की टीम बबीना विधानसभा क्षेत्र के गुलारा गांव में बने वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट पहुंची. यहां जल गुणवत्ता प्रयोगशाला के इंचार्ज ने मशीनों के जरिए पानी को साफ करने की पूरी प्रक्रिया को प्रयोग कर दिखाया. उन्होंने बताया कि किस तरह बांधों से आए प्रदूषित पानी को अलग-अलग तकनीकों से फिल्टर कर पीने योग्य बनाया जाता है.
स्वच्छ जल से बदली ग्रामीणों की जिंदगी
जल जीवन मिशन के तहत नल से घर-घर पहुंच रहा साफ पानी बुंदेलखंड के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. इससे न केवल लोगों को शुद्ध पेयजल मिल रहा है, बल्कि जलजनित बीमारियों में भी कमी आई है. यह महापरियोजना बुंदेलखंड के विकास और स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव बनती जा रही है.