‘स्केचिंग कोई ट्रिक नहीं’, गाजीपुर के नीरज के पास कमाल का हुनर, जानिए सौरभ जोशी से कनेक्शन

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‘स्केचिंग कोई ट्रिक नहीं’, गाजीपुर के नीरज के पास कमाल का हुनर, जानिए सौरभ जोशी से कनेक्शन


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Ghazipur Sketch Artist Neeraj : गाजीपुर के नवापुरा घाट पर एक अनोखा हुनर देखने को मिल रहा है. यहां नीरज नाम का युवक अपनी पेंसिल से कागज पर जान फूंक देता है. 2 साल पहले फेमस ब्लॉगर सौरभ जोशी को देखकर स्केचिंग सीखने वाले नीरज आज महज 1 घंटे में हूबहू चेहरा उतार देते हैं. उनके पास धोनी से लेकर प्रेमानंद महाराज तक के अद्भुत स्केच मौजूद हैं. नीरज अब सुबह से शाम तक घाट पर ही अपना डेरा जमाते हैं और कला की साधना करते हैं.

गाजीपुर. कहते हैं कि कलाकार की नजर और जादूगर के हाथ में बड़ी ताकत होती है. यूपी में गाजीपुर के नवापुरा घाट पर जहां एक तरफ विकास की ईंटें रखी जा रही हैं, दूसरी तरफ एक युवा अपनी पेंसिल की नोक से कागज पर जिंदगी उकेर रहा है. नवापुरा घाट पर इन दिनों एक ऐसा ही कलाकार चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसकी पेंसिल जब कागज पर चलती है, तो महज एक घंटे में इंसान की जीती-जागती तस्वीर उभर आती है. नीरज के इस हुनर की शुरुआत किसी बड़े आर्ट स्कूल से नहीं, बल्कि यूट्यूब की स्क्रीन से हुई थी.

लोकल 18 से नीरज बताते हैं कि करीब 2-3 साल पहले उन्होंने मशहूर ब्लॉगर सौरभ जोशी के सौरभ जोशी आर्ट्स चैनल पर वीडियो देखे थे. वहीं से पेंसिल पकड़ने का जो सिलसिला शुरू हुआ, वो आज एक जुनून बन चुका है. नीरज अब सुबह से शाम तक घाट पर ही अपना डेरा जमाते हैं और कला की साधना करते हैं.

बारीक एक्सप्रेशन पकड़ने में माहिर

नीरज की खासियत यह है कि वे सिर्फ फोटो देखकर ही नहीं, बल्कि सामने बैठे इंसान का लाइव स्केच भी बना देते हैं. वे बताते हैं कि एक से डेढ़ घंटे में स्केच तैयार हो जाता है. आंखों की गहराई, आईब्रो की बनावट और चेहरे के बारीक एक्सप्रेशन को पकड़ने में नीरज को महारत हासिल है. उनके पिटारे में एमएस धोनी, विराट से लेकर प्रेमानंद जी महाराज तक के अद्भुत स्केच मौजूद हैं. लोकल 18 जब वहां पहुंचा तो वह विराट कोहली का स्कैच बना रहे थे.

क्या उनका असली हथियार

लोकल 18 ने नीरज से पूछा कि एक शानदार स्केच का राज क्या है, तो उन्होंने बड़ी सादगी से जवाब दिया- धैर्य और मेहनत. नीरज का कहना है कि स्केचिंग कोई जादुई ट्रिक नहीं, बल्कि
निरंतर अभ्यास  का परिणाम है. उनके अनुसार, अगर आप एक-दो महीने के लिए पेंसिल छोड़ दें, तो हाथ चलना बंद हो जाएगा. यह सब अनुभव का खेल है. नीरज कोई बहुत महंगे टूल्स इस्तेमाल नहीं करते. वे साधारण मार्केट में मिलने वाली ग्रेफाइट और चारकोल पेंसिल का उपयोग करते हैं. नए सीखने वालों के लिए उनका सुझाव है कि 2B, 4B और 6B ग्रेड की पेंसिल से शुरुआत की जा सकती है.

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Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें



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