स्वाद के दीवानों के लिए मेरठ बना जन्नत, ये डिशेज कर देंगी हैरान, देखिए खासियत
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अगर आप भी स्ट्रीट फूड के शौकीन हैं, तो मेरठ का चाट-कुलचा आपके दिल को जरूर भा जाएगा. खास बात यह है कि यहां आज भी इसे पत्ते पर परोसा जाता है, जो इसके स्वाद को और भी बढ़ा देता है. यही वजह है कि रामचरण चाट भंडार पर हर दिन फूड लवर्स की भीड़ लगी रहती है.
गर्मी की शुरुआत हो गई है. ऐसे में अगर आप भी लस्सी पीने के शौकीन हैं, तो आपके लिए लाल कुर्ती स्थित हरिया लस्सी एक बेहतरीन जगह हो सकती है. यहां की लस्सी इतनी गाढ़ी होती है कि लोग इसे पीने के बजाय खाते हुए नजर आते हैं. मेवा से भरपूर इसका स्वाद लोगों को खूब पसंद आता है. साल 1965 से यह सिलसिला लगातार चल रहा है. सुधीर कुमार बताते हैं कि उनके पिता हरिश्चंद्र ने लस्सी बनाने का काम शुरू किया था, जिसे अब वे आगे बढ़ा रहे हैं. लस्सी के दीवाने यहां देशभर से इसका स्वाद लेने पहुंचते हैं.

छोले भटूरे खाने का शौक रखने वालों में इसका खासा क्रेज रहता है. लोग अक्सर ऐसे स्वाद की तलाश में रहते हैं, जिसे खाकर उनका मन खुश हो जाए. ऐसे ही लोगों के लिए मेरठ नमो भारत स्टेशन, बेगमपुल के पास लाल कुर्ती स्थित पिंकी छोले भटूरे एक बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं, जो अपने खास स्वाद के लिए अलग पहचान बनाए हुए हैं. घर के मसालों से तैयार किए गए इनके छोले लोगों को खूब पसंद आते हैं. वहीं, छोले भटूरे के बाद मिलने वाला रसगुल्ला स्वाद को और भी मजेदार बना देता है. ऐसे में आप यहां आकर छोले भटूरे का लुत्फ उठा सकते हैं.

अगर आप भी बालूशाही खाने के शौकीन हैं और ऐसी बालूशाही की तलाश में हैं, जिसे खाकर मन आनंदित हो जाए, तो हस्तिनापुर के मवाना क्षेत्र में स्थित मुख्तियारे हलवाई की बालूशाही आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है. यह शुद्ध देसी घी में तैयार की जाती है और अपने स्वाद के लिए खास पहचान रखती है. साल 1930 से यह बालूशाही लगातार लोगों के बीच लोकप्रिय बनी हुई है. देशभर से लोग इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से ऑर्डर कर इसके स्वाद का आनंद लेते हैं.
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बदलते दौर में वेज बिरयानी का क्रेज लोगों में तेजी से बढ़ा है. ऐसे में अगर आप चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय किसी काम से जा रहे हैं, तो बाहर मेन रोड पर मिलने वाली वैष्णव वेज बिरयानी आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है. विभिन्न मसालों के साथ इसमें मेवा भी मिलाई जाती है, जो इसके स्वाद को खास बनाती है. वहीं देसी घी का तड़का इसका टेस्ट और भी बढ़ा देता है. यहां स्वाद का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोग आधे घंटे तक अपनी बारी का इंतजार करते नजर आते हैं, ताकि वे इस खास वेज बिरयानी का आनंद ले सकें.

मेरठ की नानखटाई भी अपनी खास पहचान रखती है. अगर आप मेरठ आ रहे हैं और नानखटाई खाने का मन है, तो बुढाना गेट स्थित रामचंद्र सहाय की नानखटाई आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है. इसका स्वाद लोगों को बेहद पसंद आता है और खासकर गर्मियों में इसकी डिमांड काफी बढ़ जाती है. बेसन और मूंग की दाल से बनी यह नानखटाई अपने अलग स्वाद के लिए जानी जाती है. वहीं इसमें डाले गए खरबूजे के बीज इसके स्वाद को और भी दोगुना कर देते हैं.

इब्ज चौराहा स्थित रामचरण चाट भंडार पर आपको फूड लवर्स चाट-कुलचे का आनंद लेते हुए नजर आ जाएंगे. भले ही कई जगहों पर अब प्लेट का चलन बढ़ गया हो, लेकिन यहां आज भी पत्ते पर ही चाट-कुलचे परोसे जाते हैं, जो इसके स्वाद को और भी खास बना देते हैं. इन्हें खाने के लिए लोगों में जबरदस्त क्रेज देखने को मिलता है. यही वजह है कि मेरठ ही नहीं, बल्कि आसपास से आने वाले लोग भी यहां आकर चाट-कुलचे का स्वाद जरूर लेते हैं. बता दें कि मेरठ के ये फूड आइटम आज भी लोगों के दिलों में अपनी खास जगह बनाए हुए हैं.