स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई
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नबाईलग बटुकों से यौन उत्पीड़न के मामले में दर्ज एफआईआर और गिरफ़्तारी से बचने के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इलाहबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है. इस याचिका पर हाईकोर्ट में आज सुनवाई होगी. अगर हाईकोर्ट से उन्हें जमानत नहीं मिलती है तो पुलिस उन्हें जल्द गिरफ्तार कर सकती है.
शुक्रवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का आएगा बड़ा फैसला.
प्रयागराज. नाबालिग बटुकों से यौन शोषण के आरोपों में घिरे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की अग्रिम जमानत याचिका पर शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होगी. बटुकों की मेडिकल रिपोर्ट में कुकर्म की पुष्टि होने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की मुश्किलें बढ़ गई हैं. अगर आज उन्हें अग्रिम जमानत नहीं मिलती है तो उनकी गिरफ्तारी भी संभव है. .
इन धाराओं में दर्ज है मुकदमा
बता दें कि तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने 173 (4) के तहत जिला कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी. एडीजे रेप एंड पोक्सो स्पेशल कोर्ट विनोद कुमार चौरसिया ने झूंसी को पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया था. कोर्ट के इस आदेश के अनुपालन में पुलिस ने पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया है. झूंसी थाना पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी और दो-तीन अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. यह एफ आई आर बीएनएस की धारा 351(3), लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 5l, 6,3,4(2),16 और 17 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना भी शुरू कर दी है.
जमानत नहीं मिली तो हो सकती है गिरफ्तारी
मामले में पुलिस ने अब तक दोनों पीड़ित नाबालिगों का बयान दर्ज कर मेडिकल भी करा लिया है. शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी का दावा है कि पीड़ितों के बयान में दो अन्य आरोपियों के नाम सामने आए हैं. अरविंद मिश्रा और प्रकाश उपाध्याय के नाम यौन उत्पीड़न में सामने आए हैं. कोर्ट से अगर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी को अग्रिम जमानत नहीं मिलती है, तो झूंसी थाना पुलिस कभी भी उन्हें गिरफ्तार कर सकती है.
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अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें