हाईकोर्ट में राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह की कैसी जीत? MLC अक्षय की याचिका खारिज
Last Updated:
प्रतापगढ़ के कुंडा विधानसभा सीट से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह की तरफ से लगाए गए आरोपों के मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सुनवाई की. एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह ने एमपी-एमएलए कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए याचिका दायर किया था, जिसे बेंच ने खारिज कर दिया.
भानवी सिंह के आरोपों को इलाहाबाद हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच ने गंभीर माना है.
लखनऊः प्रतापगढ़ के कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह की ओर से एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह पर लगाए गए धोखाधड़ी, जालसाजी के आरोपों को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह को राहत देने से साफ इंकार कर दिया. हाईकोर्ट ने भानवी सिंह की ओर से लगाए गए आरोपों को गंभीर माना है. अक्षय प्रताप सिंह व अन्य की ओर से दाखिल याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया.
एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह की याचिका हुई खारिज
इस याचिका में एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट लखनऊ के आदेश को चुनौती दी गई थी. हाईकोर्ट ने अक्षय प्रताप सिंह, रोहित सिंह ,अनिल सिंह, रामदेव यादव की ओर से दाखिल याचिका को खारिज करते हुए आदेश दिया है. याचिका में एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट लखनऊ के 18 फरवरी के आदेश को चुनौती दी गई थी.
भानवी सिंह ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी की एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी.
राजा भैया की पत्नी ने क्या लगाए थे आरोप
भानवी सिंह ने आरोप लगाया था कि उनकी फॉर्म सारंग इंटरप्राइजेज की कीमती संपत्तियों को हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेज बनाए गए और जालसाजी करके उनका ट्रांसफर किया गया. भानवी सिंह ने मामले में कोर्ट से मुकदमा दर्ज करने के निर्देश देने की मांग की थी. भानवी सिंह की अर्जी पर संबंधित एसीजेएम कोर्ट ने एफआईआर का आदेश न देकर उसे उसे परिवाद के तौर पर दर्ज करने का आदेश दिया था. एसीजेएम कोर्ट ने 19 अक्टूबर 2023 को यह आदेश दिया था.
एमपी एमएलए कोर्ट के आदेश को दी गई थी चुनौती
एसीजेएम कोर्ट के इस आदेश को भानवी सिंह ने पुनरीक्षण अर्जी के जरिए चुनौती दी थी. इस अर्जी पर एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट ने 18 फरवरी को एसीजेएम कोर्ट के 19 अक्टूबर 2023 के आदेश को खारिज कर दोबारा सुनवाई का आदेश दिया था. 18 फरवरी के इसी आदेश को अक्षय प्रताप सिंह व अन्य ने पुनरीक्षण याचिका के जरिए हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. अक्षय प्रताप सिंह व अन्य की इसी याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया.
About the Author
प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें