अब लौंग खरीदने की झंझट खत्म,घर के गमले में यूं उगाएं सेहत -स्वाद से भरपूर लौंग
Last Updated:
लौंग का पौधा तो आप घर के गमले में आसानी से उगा सकते हैं.इसके लिए लौंग के सूखे बीज लेकर उसे पानी में भिगो दें. गमले में रेतीली या दोमट मिट्टी का मिश्रण बना कर गमले में भर दें. गमला 6 से 8 इंच गहरा और चौड़ा हो. ज…और पढ़ें
बागवानी के क्षेत्र में 15 वर्षों का अनुभव रखने वाले रायबरेली के उद्यान निरीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह (बीएससी एग्रीकल्चर इलाहाबाद विश्वविद्यालय इलाहाबाद) लोकल 18 से कहा कि लौंग भारतीय रसोई में उपयोग किया जाने वाला एक खास प्रकार का मसाला है. औषधीय गुणों से भरपूर मसाले का यह पौधा एक सदाबहार पौधा है. इसका पौधा एक बार लगाने के बाद कई वर्षों तक पैदावार देता है. जिसे आप घर के गमले में लगाकर या फिर इसकी बागवानी करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.क्योंकि बाजारों में यह महंगे दामों में बिकता है.
लौंग का पौधा तो आप घर के गमले में आसानी से उगा सकते हैं.इसके लिए लौंग के सूखे बीज लेकर उसे पानी में भिगो दें. गमले में रेतीली या दोमट मिट्टी को (2 भाग रेत,1 भाग मिट्टी,1 भाग वर्मी कंपोस्ट ) का मिश्रण बना कर गमले में भर दें. साथ ही ध्यान रहे की गमला 6 से 8 इंच गहरा और चौड़ा हो. जिससे उसमे बीज की बुवाई करने के बाद पौधे को ग्रोथ करने में आसानी हो. बीज की बुवाई करने के बाद उसमें नियमित रूप से सिंचाई करते रहें.
इस तरह उगाएं पौधा
लौंग के बीज की बुवाई से पहले उसे 24 घंटे के लिए पानी में भिगो दें उसके बाद गमले की नम मिट्टी में 1 इंच की गहराई तक बीज की बुवाई कर दें. इसके बाद गमले को धूप वाली जगह में रख दें. क्योंकि बीज को अंकुरित होने में 2 से 3 सप्ताह का समय लग जाता है. इसके बाद जब पौधा तीन से चार इंच तक बढ़ जाए. उसकी छंटाई कर दें. क्योंकि ऐसा करने से तना मजबूत होता है. इसकी नियमित रूप से सिंचाई करते रहें. लौंग का पौधा की बीज रोपाई के एक वर्ष के अंतराल पर फूल व फल देना शुरू कर देता है.
बुवाई के बाद इन बातों का रखें विशेष ध्यान
नरेंद्र प्रताप सिंह बताते हैं कि लौंग के बीज बुवाई के बाद गमले को धूप वाली जगह रखें. साथ ही यह ध्यान रखें कि गमले की मिट्टी में नमी होनी चाहिए. पौधे को नियमित रूप से जरूरी पोषक तत्व देते रहें. आगे की जानकारी देते हुए बताते हैं कि यदि पौधे की पत्तियां फूल सूख जाते हैं. उसे पौधे से हटा दें.जिससे अन्य फूल या पत्ती पर इसका असर न पड़ने पाए .