अब 3 घंटे में पहुंचेगे हरिद्वार, 51 किमी लंबे इस 6 लेन बाईपास से सफर होगा आसान
Last Updated:
UP Expressway News: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का तोहफा मिलने के बाद अब एक 51 किमी लंबे 6 लेन बाईपास की सौगात मिलने वाली है. सहारनपुर से हरिद्वार के बीच बन रहे इस बाईपास का लोकार्पण जून में हो जाएगा. इस बाईपास के बनने से सहारनपुर से हरिद्वार की दूरी महज 3 घंटे रह जाएगी.
अब सहारनपुर से हरिद्वार महज 3 घंटे का सफर
सहारनपुर. दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के विस्तार के तहत बन रहे 51 किलोमीटर लंबे सहारनपुर-हरिद्वार 6-लेन बाईपास का निर्माण तेज गति से चल रहा है. यह बाईपास जून 2026 में जनता के लिए खोल दिया जाएगा, जिससे दिल्ली जाने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलेगी. यह 6-लेन एक्सप्रेसवे हरिद्वार को दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से सीधे जोड़ेगा. वर्तमान में हरिद्वार-मेरठ मार्ग पर भारी ट्रैफिक जाम की समस्या रहती है, खासकर कांवड़ यात्रा, कुंभ और अर्धकुंभ जैसे बड़े पर्वों तथा पर्यटन सीजन के दौरान. नया बाईपास शहर के अंदरूनी इलाकों से ट्रैफिक को बाहर रखते हुए यातायात को सुचारू बनाएगा.
दिल्ली-हरिद्वार की यात्रा का समय वर्तमान 5-6 घंटे से घटकर लगभग 3 घंटे रह जाएगा. ऋषिकेश जाने वाले यात्रियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा, क्योंकि दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान से आने वाले वाहनों को हरिद्वार शहर में घुसने की जरूरत नहीं पड़ेगी. चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा होगी. उत्तराखंड के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल, रुड़की और भगवानपुर के लिए माल परिवहन आसान हो जाएगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा.
बाईपास का ये है रूट
बाईपास रुड़की के पास हरिद्वार-मुजफ्फरनगर मार्ग से होते हुए सहारनपुर में मुख्य कॉरिडोर से जुड़ेगा. निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है और इसे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है. इसके अलावा, हरिद्वार शहर में ट्रैफिक को और कम करने के लिए बहादराबाद से श्यामपुर कांगड़ी तक 15 किलोमीटर लंबा 4-लेन ग्रीनफील्ड बाईपास (फेज-1) भी बनाया जा रहा है, जिसका काम अक्टूबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है. फेज-2 के साथ यह पूर्ण रिंग रोड का रूप ले लेगा. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि सहारनपुर-हरिद्वार बाईपास जून में उद्घाटन हो जाएगा, जिससे हरिद्वार के साथ-साथ ऋषिकेश को भी काफी फायदा पहुंचेगा.
पर्यटन और औद्योगिक विकास को गति
यह परियोजना गंगा बेसिन की चुनौतियों (भारी बारिश, बाढ़ आदि) को ध्यान में रखते हुए आधुनिक इंजीनियरिंग मानकों के अनुसार तैयार की जा रही है. पूरा होने के बाद यह न सिर्फ यातायात को सुगम बनाएगी बल्कि पर्यटन और औद्योगिक विकास को भी नई गति देगी. जून 2026 के बाद हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में यात्रा का अनुभव काफी बेहतर होने वाला है.
About the Author

अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें