अरहर चाहिए या मक्का? कृषि विभाग बांट रहा खरीफ सीजन के लिए बीज, इस बार प्रक्रिया बदली

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अरहर चाहिए या मक्का? कृषि विभाग बांट रहा खरीफ सीजन के लिए बीज, इस बार प्रक्रिया बदली


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Kharif Seed Rampur : खरीफ सीजन शुरू होने वाला है. इस बार कृषि विभाग ने बीज वितरण की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है. विभाग ने पहले आओ-पहले पाओ व्यवस्था को खत्म कर ई-लॉटरी प्रणाली लागू कर दी है. रामपुर के उप कृषि निदेशक राम किशन सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि इसका मकसद बीज वितरण को सभी किसानों के लिए समान अवसर वाला बनाना है. ई-लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बचे हुए बीजों के लिए 26 मई से पंजीकृत किसानों के आवेदन लिए जा रहे हैं.

रामपुर. खरीफ सीजन 2026 की तैयारी कर रहे किसानों के लिए काम की खबर है. कृषि विभाग ने बीज वितरण की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है. अब किसानों को बीज पाने के लिए सिर्फ जल्दी आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी. विभाग ने पहले आओ-पहले पाओ व्यवस्था को खत्म कर ई-लॉटरी प्रणाली लागू कर दी है. इसका मकसद बीज वितरण को अधिक पारदर्शी और सभी किसानों के लिए समान अवसर वाला बनाना है. रामपुर के उप कृषि निदेशक राम किशन सिंह के अनुसार, जनपद में खरीफ 2026 के लिए बीजों की बुकिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. ऑटो कन्फर्म और ई-लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बचे हुए बीजों के लिए 26 मई 2026 से पंजीकृत किसानों के आवेदन लिए जा रहे हैं. किसान विभिन्न योजनाओं के तहत ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.

उप कृषि निदेशक ने बताया कि इस बार सामान्य बीजों और मिनीकिट्स के वितरण में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है. जिन बीजों के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं, उनमें ढैंचा, धान, उड़द, मूंग, अरहर, संकर मक्का, संकर धान, संकर बाजरा और संकर ज्वार शामिल हैं. मिनीकिट्स के तहत उड़द, अरहर, मूंग, संकुल ज्वार, संकुल बाजरा, सावा, रागी और कोदो जैसी फसलों के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे.

कब होगा ई-लॉटरी से चयन

राम किशन सिंह के अनुसार, पहले व्यवस्था यह थी कि जो किसान सबसे पहले आवेदन करता था, उसे प्राथमिकता मिलती थी. कई बार ऐसा होता था कि कुछ ही समय में पूरा लक्ष्य भर जाता था और बाकी किसान आवेदन करने के बावजूद लाभ से वंचित रह जाते थे. इसी समस्या को देखते हुए कृषि विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है. अब यदि किसी बीज के लिए निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं तो लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी के जरिए किया जाएगा यानी सभी पात्र किसानों को बराबरी का अवसर मिलेगा. किसी को सिर्फ इसलिए लाभ नहीं मिलेगा क्योंकि उसने पहले आवेदन किया था और किसी को केवल देर से आवेदन करने की वजह से बाहर नहीं होना पड़ेगा.

कहां करना होगा आवेदन

किसान समय रहते आवेदन जरूर करें. आवेदन के लिए विभाग के कृषि दर्शन-1 पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण और बुकिंग करना जरूरी है. बिना ऑनलाइन आवेदन के किसी भी किसान को योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा. इस नई व्यवस्था से बीज वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और अधिक किसानों को योजनाओं का लाभ मिल सकेगा. इससे उन किसानों को भी मौका मिलेगा जो किसी कारणवश आवेदन के शुरुआती दिनों में पोर्टल पर नहीं पहुंच पाते थे.विभाग के लिए भी लाभार्थियों का चयन करना आसान और निष्पक्ष होगा.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें



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