अलीगढ़-मुरादाबाद हाई-स्पीड कॉरिडोर को मिलेगी रफ्तार, 45 गांवों से गुजरेगा नया मार्ग
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Aligarh-Moradabad high speed corridor: अलीगढ़-मुरादाबाद हाई-स्पीड कॉरिडोर परियोजना को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने जमीन सर्वे और अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी है. प्रस्तावित कॉरिडोर अलीगढ़ और मुरादाबाद के बीच यात्रा को अधिक सुगम, तेज और सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभाएगा. जानकारी के अनुसार यह हाई-स्पीड कॉरिडोर करीब 45 गांवों से होकर गुजरेगा. परियोजना के लिए संबंधित क्षेत्रों में भूमि का सर्वेक्षण शुरू कर दिया गया है. अधिकारियों की टीम गांव-गांव पहुंचकर प्रस्तावित मार्ग का निरीक्षण कर रही है और प्रभावित होने वाली जमीन का ब्यौरा तैयार किया जा रहा है.
अलीगढ़-मुरादाबाद हाई स्पीड मार्ग, सांकेतिक फोटो
अलीगढ़ः पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. अलीगढ़-मुरादाबाद हाई-स्पीड कॉरिडोर परियोजना को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने जमीन सर्वे और अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी है. प्रस्तावित कॉरिडोर अलीगढ़ और मुरादाबाद के बीच यात्रा को अधिक सुगम, तेज और सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभाएगा.
जानकारी के अनुसार यह हाई-स्पीड कॉरिडोर करीब 45 गांवों से होकर गुजरेगा. परियोजना के लिए संबंधित क्षेत्रों में भूमि का सर्वेक्षण शुरू कर दिया गया है. अधिकारियों की टीम गांव-गांव पहुंचकर प्रस्तावित मार्ग का निरीक्षण कर रही है और प्रभावित होने वाली जमीन का ब्यौरा तैयार किया जा रहा है. इसके बाद भूमि अधिग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
व्यापारिक गतिविधि में होगा बढ़ावा
एनएचएआई का मानना है कि इस कॉरिडोर के निर्माण से अलीगढ़, संभल और मुरादाबाद सहित आसपास के जिलों को बड़ा लाभ मिलेगा. वर्तमान में इन शहरों के बीच यात्रा में लगने वाला समय अधिक है और कई स्थानों पर यातायात दबाव भी बना रहता है. हाई-स्पीड कॉरिडोर बनने के बाद यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है.
परियोजना से क्षेत्र में औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा. बेहतर सड़क संपर्क मिलने से माल परिवहन आसान होगा और स्थानीय कारोबारियों को नए अवसर मिल सकेंगे. इसके अलावा निवेश और रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है.
शुरू हुआ भूमि अधिग्रहण
भूमि अधिग्रहण को लेकर प्रशासन प्रभावित किसानों और ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर रहा है. अधिकारियों का कहना है कि नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा और किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा. परियोजना को लेकर स्थानीय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं ताकि लोगों को इसकी पूरी जानकारी मिल सके. विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे और हाई-स्पीड सड़क नेटवर्क की कड़ी के रूप में यह कॉरिडोर महत्वपूर्ण साबित होगा. इससे न केवल यातायात व्यवस्था मजबूत होगी बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी. फिलहाल सर्वेक्षण और भूमि संबंधी प्रक्रियाएं जारी हैं. सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा. परियोजना पूरी होने पर अलीगढ़ और मुरादाबाद के बीच आवागमन पहले की तुलना में अधिक तेज, सुविधाजनक और सुरक्षित हो जाएगा.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें